खाकी पस्त, चोर मस्त: सिद्धार्थनगर में 50 लाख की डकैती को 10 दिन बीते, पुलिस के हाथ अब भी खाली!

न्यूज रिपोर्ट

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश में ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों के बीच सिद्धार्थनगर पुलिस की सुस्ती अपराधियों के हौसले बुलंद कर रही है। त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के डोमसरा गांव में हुई भीषण चोरी को आज 10 दिन पूरे हो गए हैं, लेकिन नतीजा ‘सिफर’ है। पुलिस की जांच फाइलों में दबी है और चोर 50 लाख के माल के साथ रफूचक्कर हैं।

लाइसेंसी रिवाल्वर और लाखों की नकदी ले उड़े चोर

27 अप्रैल की वो काली रात डोमसरा गांव के बशिष्ट पांडेय और कल्लू पांडेय के परिवार के लिए किसी डरावने सपने जैसी थी। चोरों ने न केवल 6 लाख नगद और 50 लाख के जेवरात पर हाथ साफ किया, बल्कि पुलिस को खुली चुनौती देते हुए एक लाइसेंसी रिवाल्वर भी पार कर दी। जिले में एक अवैध असलहे का घूमना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा तमाचा है।

पुलिस का रटा-रटाया जवाब, पीड़ित का टूटता सब्र

10 दिन से पीड़ित परिवार थाने के चक्कर काट रहा है, लेकिन पुलिस की ओर से केवल “जल्द पकड़ लेंगे” का झुनझुना थमाया जा रहा है। पीड़ित बशिष्ट पांडेय का कहना है कि प्रशासन केवल आश्वासन की घुट्टी पिला रहा है, जबकि धरातल पर जांच की रफ्तार कछुआ चाल से भी धीमी है।

नेता प्रतिपक्ष ने घेरा: “आखिर कब तक चलेगा आश्वासन का खेल?”

आज भारी जनाक्रोश के बीच विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और इटवा विधायक माता प्रसाद पांडेय पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इतनी बड़ी वारदात के बाद भी पुलिस का खाली हाथ बैठना शर्मनाक है।

उन्होंने मीडिया से दो टूक कहा, “हमने पुलिस के आलाधिकारियों से बात की है। पुलिस बस आश्वासन दे रही है, लेकिन जनता का विश्वास टूट रहा है। अगर जल्द ही चोरों की गिरफ्तारी और बरामदगी नहीं हुई, तो पुलिस की जवाबदेही तय करनी होगी।”

सवाल जो जवाब मांगते हैं:

  • क्या सिद्धार्थनगर पुलिस ने हार मान ली है?

  • लाइसेंसी रिवाल्वर के साथ घूम रहे अपराधी क्या किसी बड़ी वारदात की फिराक में हैं?

  • आखिर डोमसरा गांव के पीड़ितों को इंसाफ कब मिलेगा?

त्रिलोकपुर पुलिस की इस नाकामी ने पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है।