सिद्धार्थनगर: जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, प्रभारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

kapilvastupost 

सिद्धार्थनगर, 12 मार्च 2026

भारत की आगामी जनगणना 2027 को कुशलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में आज स्थानीय अम्बेडकर सभागार में जनपद के समस्त चार्ज अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिला जनगणना प्रभारी और विशेषज्ञों ने जनगणना के विभिन्न चरणों और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी साझा की।

जनगणना 2027: एक ऐतिहासिक प्रशासनिक कार्ययोजना

प्रशिक्षण के दौरान नोडल अधिकारी नागेन्द्र यादव ने बताया कि वर्ष 2027 की जनगणना भारत की जनगणना श्रृंखला की 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना होगी। उन्होंने इसे विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्ययोजना करार देते हुए कहा कि यह गांव, वार्ड और शहर स्तरीय डेटा का एकमात्र आधिकारिक स्रोत है।

महत्वपूर्ण समयसीमा और चरण

प्रशिक्षण में जनगणना से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा की गई:

  • नियुक्ति एवं प्रशिक्षण: फील्ड ट्रेनर, प्रगणक और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति 31 मार्च 2026 तक पूर्ण की जाएगी, जबकि उनका प्रशिक्षण 15 मई 2026 तक चलेगा।

  • प्रथम चरण (मकान सूचीकरण): उत्तर प्रदेश में मकानों की गणना 22 मई से 20 जून 2026 के बीच होगी।

  • स्व-गणना (Self-Enumeration): क्षेत्रीय कार्य से पूर्व 7 मई से 21 मई 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है।

  • द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना): मुख्य जनसंख्या गणना 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक संचालित की जाएगी।

डिजिटल प्रबंधन और डेटा संग्रह

बैठक में स्पष्ट किया गया कि मकान सूचीकरण ब्लॉक डेटा संग्रह की प्राथमिक इकाई होगी। इसके लिए शिक्षा, राजस्व, पंचायती राज और ग्राम विकास जैसे विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का विवरण एक्सेल प्रारूप में CMMS पोर्टल पर आईडी बनाकर अपलोड किया जाएगा। विशिष्ट क्षेत्रों जैसे रक्षा सेवा, CRPF और BSF के नियंत्रण वाले इलाकों के लिए विशेष प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।

इस अवसर पर जिला जनगणना प्रभारी शशांक शेखर राय, समस्त उपजिलाधिकारी, बीएसए शैलेष कुमार, डीआईओ वीरेन्द्र गुप्ता सहित नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी और जनगणना कार्यालय के सहायक उपस्थित रहे।