महरिया रेलवे अंडरपास बना राहगीरों के लिए मुसीबत, जलभराव से आवागमन ठप; ग्रामीणों में भारी रोष

निज़ाम अंसारी 

उस्का बाजार (सिद्धार्थनगर): उस्का बाजार क्षेत्र के महरिया गांव के समीप बना रेलवे अंडरपास स्थानीय निवासियों के लिए सुविधा के बजाय दुश्वारियों का सबब बन गया है। जलभराव की गंभीर समस्या के कारण इस मार्ग से वाहनों और पैदल राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है, जिससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हो रहा है।

विकास बना विनाश: ‘अंडरपास से बेहतर तो पहले की स्थिति थी’

क्षेत्रीय ग्रामीणों का आक्रोश अब फूटने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब रेलवे लाइन पर यह अंडरपास नहीं बना था, तब स्थिति फिर भी बेहतर थी। निर्माण के बाद से ही जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण यहां हमेशा पानी भरा रहता है।

ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय, जिला मुख्यालय और दैनिक उपभोग की वस्तुओं की खरीदारी के लिए इसी मार्ग का सहारा लेना पड़ता है। लेकिन जलभराव के कारण अब पैदल चलना भी किसी चुनौती से कम नहीं है।

स्कूली बच्चों और मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

अंडरपास में भरे पानी का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों और मरीजों पर पड़ रहा है। घुटनों तक भरे पानी के बीच से होकर बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है, जिससे हमेशा हादसे का डर बना रहता है। वहीं, आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या निजी वाहनों का निकलना भी नामुमकिन हो जाता है, जिससे मरीजों की जान पर बन आती है।

जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की बेरुखी से नाराजगी

क्षेत्र के राम उजागिर पाण्डेय, अभिषेक मिश्र, वीरेंद्र कुमार पाण्डेय और राज नारायण सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या के प्रति संवेदनहीन बना हुआ है।

क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन और रेलवे विभाग से अविलंब इस जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अंडरपास की स्थिति नहीं सुधारी गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।