खलीलाबाद–बहराइच नई रेल लाइन: डुमरियागंज में भूमि अधिग्रहण ने पकड़ी रफ्तार, 46 गांवों की बदली जाएगी सूरत

निज़ाम अंसारी 

सिद्धार्थनगर: खलीलाबाद से बहराइच के बीच प्रस्तावित नई रेलवे लाइन परियोजना अब धरातल पर उतरती दिख रही है। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। विशेष भूमि अध्याप्ति विभाग की टीम ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण और जमीनी हकीकत

भूमि अध्याप्ति अधिकारी अमर पांडे के नेतृत्व में टीम ने भानपुर मस्जिदिया, जुड़ीकुइया और भानपुर रानी जैसे प्रमुख गांवों का दौरा किया। इस दौरान टीम ने न केवल अधिग्रहित होने वाली भूमि का सीमांकन देखा, बल्कि स्थानीय किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं और मुआवजे से जुड़ी शंकाओं को भी सुना। राजस्व विभाग के लेखपाल विपिन तिवारी के साथ मिलकर टीम ने सड़क, नाला, तालाब और सरकारी भूमि के साथ-साथ निजी जमीनों के विवरण का मिलान किया।

परियोजना के मुख्य बिंदु

  • कुल प्रभावित गांव: डुमरियागंज तहसील के 46 गांव इस रेल खंड की जद में आएंगे।

  • तत्काल कार्रवाई: प्रथम चरण में 15 गांवों में अधिग्रहण की प्रक्रिया सक्रिय रूप से शुरू कर दी गई है।

  • प्रमुख केंद्र: सबसे अधिक भूमि का अधिग्रहण कादिराबाद में होना है। इसके बाद भानपुर मस्जिदिया का नंबर है, जहां लगभग 86 गाटा भूमि (सरकारी व निजी) चिन्हित की गई है।

विकास को लगेंगे पंख

इस ड्रीम प्रोजेक्ट के पूरा होने से तराई क्षेत्र के जिलों में रेल कनेक्टिविटी का जाल बिछ जाएगा। निरीक्षण के दौरान कनिष्ठ सहायक रवि कुमार सहित अन्य राजस्व कर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अधिकारियों का मानना है कि पारदर्शी मुआवजा प्रक्रिया और त्वरित अधिग्रहण से परियोजना समय सीमा के भीतर आगे बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र में व्यापार और आवागमन के नए रास्ते खुलेंगे।