कानपुर में किडनी कांड का बड़ा खुलासा: IMA उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति आहूजा समेत 6 गिरफ्तार

Kapilvastupos
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने मानव अंगों की तस्करी करने वाले एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की उपाध्यक्ष और आहूजा अस्पताल की संचालिका डॉ. प्रीति आहूजा सहित दो डॉक्टरों और तीन अस्पताल संचालकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए मुख्य आरोपियों में डॉ. प्रीति आहूजा के अलावा उनके पति डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, मेडलाइफ हॉस्पिटल के संचालक राजेश कुमार, राम प्रकाश कुशवाहा, प्रिया अस्पताल के संचालक नरेन्द्र सिंह और गिरोह का मुख्य एजेंट शिवम अग्रवाल शामिल हैं। पुलिस ने कुल 10 नामजद और 5 अज्ञात समेत 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस और सीएमओ (CMO) की संयुक्त टीमें अभी भी कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। गिरोह के चार अन्य डॉक्टर— डॉ. रोहित उर्फ राहुल, डॉ. वैभव, डॉ. अनुराग और डॉ. अफजल अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

80 लाख में सौदा, MBA छात्र बना शिकार
जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि गिरोह ने बिहार के समस्तीपुर निवासी आयुष (देहरादून में एमबीए फोर्थ ईयर का छात्र) को झांसे में लेकर 6 लाख रुपये में उसकी किडनी का सौदा किया था। आयुष के खाते में ₹3.5 लाख यूपीआई के जरिए ट्रांसफर भी किए गए थे।
वहीं, दूसरी ओर मुजफ्फरनगर की रहने वाली पारुल तोमर को किडनी लगाने के बदले गिरोह ने 80 लाख रुपये वसूले थे। पुलिस ने ऑपरेशन से पहले ही कार्रवाई करते हुए आयुष और पारुल दोनों को मेडलाइफ और प्रिया अस्पताल से रेस्क्यू कर हैलट अस्पताल में भर्ती कराया है।