📅 Published on: April 1, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर (नौगढ़): जनपद के नौगढ़ शहर अंतर्गत साड़ी तिराहे पर स्थित ‘सिद्धार्थ हॉस्पिटल’ में मंगलवार दोपहर एक तीन माह के मासूम बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्चे की मृत्यु के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल के चिकित्सक और समस्त स्टाफ मौके से फरार हो गए। सूचना पाकर पहुँची स्वास्थ्य विभाग की टीम को निरीक्षण के दौरान बच्चे की बेड हेड टिकट (BHT) तक नहीं मिली, जिससे उपचार की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इलाज में लापरवाही का आरोप
जानकारी के अनुसार, नौगढ़ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय ससना में तैनात शिक्षिका अनुश्री रस्तोगी (मूल निवासी मुरादाबाद) के तीन माह के पुत्र की सेहत 28 मार्च को बिगड़ी थी। उन्होंने साड़ी तिराहे पर संचालित सिद्धार्थ हॉस्पिटल की ओपीडी में बच्चे को दिखाया, लेकिन सुधार न होने पर वे उसे पुनः 29 मार्च को लेकर आईं। 30 मार्च को चिकित्सक ने स्थिति गंभीर बताते हुए बच्चे को अस्पताल में भर्ती कर लिया। परिजनों का आरोप है कि मंगलवार दोपहर लगभग 2 बजे बोतल चढ़ाए जाने के दौरान बच्चे की मौत हो गई।
हंगामे के बीच अस्पताल छोड़ भागे कर्मी
मासूम की मौत की खबर मिलते ही माँ अनुश्री, उनके पति तनुज कुमार और सास सहित अन्य परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। अस्पताल में चीख-पुकार और हंगामा शुरू होने पर कानूनी कार्रवाई के डर से डॉक्टर और कर्मचारी अस्पताल छोड़कर भाग निकले।
स्वास्थ्य विभाग की टीम लौटी बैरंग
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने एसीएमओ आरसीएच डॉ. आर.जी. सिंह और नौगढ़ पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अनूप जायसवाल को जांच के लिए मौके पर भेजा। हालांकि, अस्पताल में कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं मिला। जांच टीम को बच्चे से संबंधित कोई दस्तावेज़ या भर्ती की रसीद भी बरामद नहीं हुई।
सूचना मिलते ही हम जांच के लिए अस्पताल पहुँचे थे, लेकिन वहाँ चिकित्सक और स्टाफ नदारद थे। मृतक बच्चे के परिजन भी शोक के कारण फिलहाल कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं। बीएचटी न मिलने के कारण मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
डॉ. आर.जी. सिंह, एसीएमओ (RCH)