शिक्षक सम्मान और अधिकारों की लड़ाई: TET अनिवार्यता के खिलाफ सिद्धार्थनगर में मशाल जुलूस

Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद में शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी है। सोमवार को ‘अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ’ के बैनर तले शिक्षकों ने भारी संख्या में एकत्रित होकर जिला मुख्यालय पर **मशाल जुलूस** निकाला। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से शिक्षा का अधिकार (RTE) एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर जबरन **TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा)** की शर्त थोपने के विरोध में किया गया।
जुलूस का नेतृत्व महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पाण्डेय और जिला संरक्षक सतीश चंद्र त्रिपाठी ने किया। विकास भवन से शुरू होकर जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च करते हुए शिक्षकों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और इसे “काला कानून” करार दिया।
प्रमुख मांगें और चेतावनी:
शिक्षकों का कहना है कि जो शिक्षक नियमावली के अनुसार पहले से सेवा में हैं, उन पर नई शर्तें लागू करना उनके सम्मान और सेवा सुरक्षा के साथ अन्याय है। जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
इस प्रदर्शन में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ और लेखपाल संघ समेत कई अन्य संगठनों के पदाधिकारियों और हजारों शिक्षकों ने हिस्सा लिया।