यूपी में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ेगा? प्रशासक समिति के गठन पर मंथन तेज
📅 Published on: April 25, 2026
Kapilvastupost
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने स्पष्ट किया है कि आगामी कार्रवाई पूरी तरह से **पंचायती राज एक्ट** के नियमों के तहत ही की जाएगी। फिलहाल सरकार इस पर विचार कर रही है कि पंचायतों की कमान किसे सौंपी जाए।
प्रशासक समिति की नई व्यवस्था पर विचार
आमतौर पर कार्यकाल खत्म होने के बाद **एडीओ (पंचायत)** को प्रशासक नियुक्त किया जाता है, लेकिन इस बार सरकार एक वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रही है। पंचायती राज एक्ट के अनुसार, एक **’प्रशासक समिति’** बनाई जा सकती है जिसमें जनप्रतिनिधियों को शामिल करने का प्रावधान है। यदि इस पर मुहर लगती है, तो ग्राम प्रधानों को ही समिति का अध्यक्ष बनाकर चुनाव होने तक जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
देरी के मुख्य कारण
पंचायती राज मंत्री ने बताया कि चुनाव में देरी और कार्यकाल विस्तार की स्थिति निम्नलिखित कारणों से बन रही है:
1. **न्यायालय में विचाराधीन मामला:** चुनाव को लेकर मामला कोर्ट में है, जहाँ से मार्गदर्शन का इंतज़ार है।
2. **पिछड़ा वर्ग आयोग:** अभी तक ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ का गठन नहीं हो पाया है।
3. **मतदाता सूची:** चुनाव के लिए आवश्यक अपडेटेड वोटर लिस्ट अभी तैयार नहीं है।
राजभर ने आश्वासन दिया है कि निर्णय **जनहित** को ध्यान में रखकर लिया जाएगा और 26 मई से पहले विभाग स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर देगा।
सोर्स हिंदुस्तान अखबार


