सिद्धार्थनगर: ‘गांव की समस्या गांव में समाधान’—जिलाधिकारी ने इटवा के कठेला गर्वी में सुनीं जनसमस्याएं

Nizam Ansari 

सिद्धार्थनगर, 24 अप्रैल 2026** उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीणों की समस्याओं का उनके द्वार पर ही निस्तारण करने के उद्देश्य से आज विकास खण्ड इटवा के ग्राम पंचायत **कठेला गर्वी** में ‘ग्राम चौपाल’ का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की  उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया और उनके त्वरित समाधान हेतु निर्देश दिए गए।
शासन की मंशा: गांव में ही मिले न्याय और सुविधा
चौपाल को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए तहसील या जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने विशेष रूप से बॉर्डर एरिया के गांवों में **नेटवर्क कनेक्टिविटी और बेहतर सड़कों** के जाल बिछाने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे अपनी गेहूं की फसल सरकारी एमएसपी (MSP) पर ही बेचें और अनिवार्य रूप से **’फार्मर रजिस्ट्री’** कराएं ताकि खाद-बीज मिलने में कोई बाधा न आए।
प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने सीधे संवाद कर ग्रामीणों से योजनाओं के लाभ की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए:
आयुष्मान भारत: शत-प्रतिशत पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं ताकि उन्हें 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिल सके।
* **पेंशन योजनाएं:** वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन से जुड़ी शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण हो।
राजस्व मामले: वरासत, भूमि विवाद और पैमाइश के प्रकरणों को समय सीमा के भीतर हल किया जाए।
राशन वितरण: कोटे की दुकानों से राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विशेष सुविधा: जिलाधिकारी ने कहा कि जिन घरों में विवाह कार्यक्रम हैं, वे उपजिलाधिकारी या पूर्ति निरीक्षक से संपर्क कर आवश्यकतानुसार गैस सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।
महिला सशक्तिकरण और पोषण पर जोर
जिलाधिकारी ने महिलाओं से **स्वयं सहायता समूहों** से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। चौपाल के दौरान जिलाधिकारी द्वारा **गर्भवती महिलाओं की गोदभराई** की गई और छोटे बच्चों को अन्नप्राशन कराया गया। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक भी किया गया।
लापरवाही पर मिलेगी कड़ी सजा
अधिकारियों को चेतावनी देते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली या भ्रष्टाचार मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उपस्थिति: इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया, खंड विकास अधिकारी इटवा अनिशी मणि पांडेउपजिलाधिकारी इटवा कुणाल, जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा, डीसी मनरेगा संदीप सिंह, जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पाण्डेय समेत तमाम जनपद स्तरीय अधिकारी व भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।