📅 Published on: April 24, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर के जोगिया ब्लॉक से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां जिला विकास अधिकारी (DDO) राजमणि वर्मा ने ग्राम पंचायत हरैया में तैनात ग्राम विकास अधिकारी सुभाष चंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर ड्यूटी में लापरवाही और गंभीर वित्तीय/प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप हैं।
जांच में सहयोग न करना पड़ा भारी
यह पूरी कार्रवाई 18 फरवरी को मिली एक शिकायत के बाद शुरू हुई। जिलाधिकारी (DM) शिवशरणप्पा जीएन के सख्त रुख के बाद मामले की जांच जिला उद्यान अधिकारी को सौंपी गई थी। आरोप है कि सचिव सुभाष चंद्र ने जांच अधिकारी को आवश्यक दस्तावेज और अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए, जिससे उनकी भूमिका संदिग्ध मानी गई।
अनुशासनात्मक कार्रवाई और निलंबन के नियम
उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के तहत सुभाष चंद्र के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। निलंबन की अवधि के दौरान: वे *जोगिया ब्लॉक** से संबद्ध रहेंगे।
* नियमों के अनुसार उन्हें **जीवन निर्वाह भत्ता** (मूल वेतन का एक हिस्सा) मिलेगा।
* भत्ते प्राप्त करने के लिए उन्हें यह प्रमाणित करना होगा कि वे इस दौरान किसी अन्य निजी व्यवसाय या सेवा में शामिल नहीं हैं।
नए जांच अधिकारी की नियुक्ति
मामले की गहराई से जांच के लिए अब **बीडीओ नौगढ़** को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से ब्लॉक के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।