सिद्धार्थनगर: राष्ट्रीय लोक अदालत में न्याय का महाकुंभ, 2.27 लाख से अधिक वादों का हुआ निस्तारण

देवेंद्र श्रीवास्तव 

सिद्धार्थनगर। जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव-तृतीय के कुशल नेतृत्व में शनिवार को जनपद सिद्धार्थनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में राजस्व, चकबंदी, बैंक और न्यायिक मामलों सहित कुल 2,43,564 मुकदमों का निस्तारण कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई।

प्रमुख बिंदु और उपलब्धियां

  • निस्तारित मामले: राजस्व और चकबंदी न्यायालयों द्वारा सर्वाधिक 2,27,250 वादों का निपटारा किया गया।

  • वसूली व समझौता: कुल 8,44,87,945 रुपये की धनराशि अर्थदंड और सेटलमेंट के रूप में दिलाई गई।

  • विशेष आकर्षण: न्यायालय परिसर में ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) के तहत प्रसिद्ध काला नमक चावल का पंडाल लगाकर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।

न्यायालयवार निस्तारण का विवरण

राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विभिन्न न्यायालयों द्वारा किए गए निस्तारण का विवरण इस प्रकार है:

न्यायिक अधिकारी/न्यायालय

निस्तारित वाद

विशेष विवरण

अजय कुमार श्रीवास्तव-तृतीय (जनपद न्यायाधीश)

11

सिविल व अन्य मामले

अखिलेश कुमार पाण्डेय (परिवार न्यायालय)

21

16.20 लाख रुपये का समझौता

अरविन्द राय (MACT)

47

28.91 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति

अनुभव कटियार (CJM)

1507

फौजदारी व अन्य मामले

मनोज कुमार तिवारी (विद्युत मामले)

253

बिजली से जुड़े विवाद

धम्म कुमार (न्यायिक मजिस्ट्रेट)

662

राजस्व एवं चकबन्दी न्यायालय

2,27,250

रिकॉर्ड निस्तारण

इसके अतिरिक्त, जिले के विभिन्न थानों से 8588 मामले, बीएसएनएल (BSNL) के 2940 और बैंकों के प्री-लिटिगेशन स्तर के 528 वादों का निस्तारण आपसी सहमति के आधार पर किया गया। इस अवसर पर बांसी, डुमरियागंज, इटवा और जिला कारागार में भी लोक अदालत के माध्यम से लोगों को सुलभ न्याय प्रदान किया गया।