डुमरियागंज: खेतों से अवैध मिट्टी खनन का काला खेल जारी, नियमों को ताक पर रख दिन-रात दौड़ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली

Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर/डुमरियागंज: क्षेत्र के सिवान में फसल कटने के बाद खेत खाली होते ही अवैध मिट्टी खनन का कारोबार चरम पर पहुंच गया है। शासन द्वारा राजस्व हानि रोकने और व्यवस्थित खनन के लिए स्पष्ट मानक और अनुमति (परमिशन) की प्रक्रिया तय किए जाने के बावजूद, खनन माफिया बिना किसी डर के अवैध रूप से मिट्टी की खुदाई कर रहे हैं।
दिन-रात जारी है अवैध ‘फर्राटा’
डुमरियागंज थाना क्षेत्र के **पटखौली, जमौति और पोखराकाजी** जैसे गांवों के सिवान में सोमवार को लोडर मशीनों से धड़ल्ले से मिट्टी खुदाई का कार्य देखा गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, आधा दर्जन से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दिन-रात सड़कों पर दौड़ रही हैं। यह मिट्टी निर्माणाधीन भवनों और ईंट भट्ठों पर ऊंचे दामों पर बेची जा रही है।
आमजन और यातायात के लिए बनी मुसीबत
अवैध खनन में लगे इन वाहनों के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अक्सर देखा जाता है कि चौराहों पर शादी समारोह की गाड़ियों या अन्य वाहनों के जाम में ये ट्रैक्टर-ट्रॉलियां फंस जाती हैं, जिससे यात्रियों के साथ नोकझोंक और विवाद की स्थिति पैदा होती है।
अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से इसकी लिखित और मौखिक शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध कारोबार पर तत्काल अंकुश लगाया जाए ताकि राजस्व की चोरी रोकी जा सके।
प्रशासन का पक्ष: ऑनलाइन अनुमति है अनिवार्य
इस मामले पर एसडीएम राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार ने किसानों के निजी उपयोग के लिए मिट्टी खुदाई की प्रक्रिया को काफी सरल और सहूलियत भरा बनाया है। उन्होंने कहा: मिट्टी खुदाई के लिए खनन विभाग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना और परमिशन लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति के व्यावसायिक लाभ के लिए किया जा रहा खनन पूरी तरह अवैध है।