📅 Published on: May 13, 2026
निजाम अंसारी
सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश):
जनपद के सोनखर बांसी स्थित श्री राम विलास इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड मेडिकल साइंसेज में ‘अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस’ के अवसर पर एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “नर्स का भविष्य और नर्स को सशक्त बनाना” पर आधारित इस कार्यक्रम में चिकित्सा क्षेत्र में नर्सों के निस्वार्थ सेवा भाव और उनके अतुलनीय योगदान पर चर्चा की गई।
मुख्य अतिथियों का संबोधन और सम्मान
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की नर्सिंग ऑफिसर व लेबर रूम इंचार्ज संदीप पाजी तथा ओटी इंचार्ज कमल वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्हें पेशे की बारीकियों और सेवा की महत्ता से अवगत कराया।
नर्सें हैं स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़
कॉलेज के संरक्षक व वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विमल कुमार द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि नर्स केवल एक सहायक नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ होती हैं। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सेवा और समर्पण ही इस पेशे की असली पहचान है। वहीं कॉलेज की प्रबंध निदेशिका डॉ. अनीता द्विवेदी ने भी छात्र-छात्राओं को उनकी भविष्य की जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया।
छात्रों को संबोधित करते हुवे डॉ. विमल द्विवेदी (कॉलेज संरक्षक) ने कहा चिकित्सा के क्षेत्र में जितना महत्व डॉक्टर का है, उससे कहीं अधिक महत्व एक नर्स का होता है। मरीज के ठीक होने में नर्स की सेवा और उनके धैर्य का बड़ा योगदान रहता है। आज के इस कार्यक्रम का उद्देश्य हमारे छात्र-छात्राओं को इसी सेवा भाव के प्रति समर्पित करना है ताकि वे भविष्य में एक कुशल स्वास्थ्य योद्धा बन सकें।”
कॉलेज की प्रबंध निदेशिका डॉ. अनीता द्विवेदी ने कहा इस वर्ष की थीम ‘नर्स का भविष्य और नर्स को सशक्त बनाना’ हमें यह संदेश देती है कि यदि हम स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो हमें अपनी नर्सों को और अधिक प्रशिक्षित और सशक्त करना होगा। हमारा संस्थान निरंतर इस दिशा में काम कर रहा है कि यहाँ के छात्र समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाएं।”