📅 Published on: June 18, 2026
बस्ती जाते समय रास्ते में मिली थी पीड़ित महिला, पैसे की तंगी और खून की कमी से तड़प रहे बेटे की मनीष सिंह ने बचाई जान; क्षेत्र में हर तरफ सराहना।
निजाम अंसारी
*सिद्धार्थनगर।*
“जरूरतमंद की सहायता ही सबसे बड़ा धर्म है”— इसी सेवा भाव को चरितार्थ करते हुए जनपद के सोहना निवासी प्रख्यात समाजसेवी मनीष सिंह ने एक बार फिर समाज के सामने मानवता का एक अनुपम उदाहरण पेश किया है। मनीष सिंह ने एक अत्यंत गरीब और असहाय महिला की व्यथा सुनकर न केवल उसे ढांढस बंधाया, बल्कि अस्पताल पहुंचकर स्वयं रक्तदान करने की पेशकश कर उसके बेटे की जान बचाई।
**रास्ते में चंदा मांगती मिली थी बेबस मां**
मिली जानकारी के अनुसार, सोहना निवासी मनीष सिंह अपनी रिश्तेदारी में बहन से मिलने बस्ती जनपद जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी नजर एक अज्ञात महिला पर पड़ी, जो अत्यंत भावुक होकर राहगीरों से चंदा मांग रही थी। महिला रो-रोकर लोगों से कह रही थी कि वह बेहद गरीब है और उसका बेटा अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। डॉक्टरों ने बेटे को तत्काल ब्लड चढ़ाने की सलाह दी है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह न तो इलाज का खर्च उठा पा रही है और न ही कहीं से रक्तदाता (ब्लड डोनर) का इंतजाम हो पा रहा है।
**मनीष सिंह ने कहा- ‘पैसे नहीं, मैं खुद दूंगा अपने लहू की बूंद’**
महिला की चीख और लाचारी सुनकर मनीष सिंह का दिल पसीज गया। वे तुरंत गाड़ी रोककर महिला के पास पहुंचे और उसकी पूरी समस्या जानी। महिला ने रोते हुए मनीष सिंह से आर्थिक मदद की गुहार लगाई। इस पर मनीष सिंह ने बिना एक पल गंवाए मानवता का परिचय दिया और कहा: “माता जी, आप चिंता मत करिए। अगर आपके बेटे को खून की जरूरत है, तो पैसे की तंगी आड़े नहीं आएगी। मैं खुद आपके साथ अस्पताल चलकर अपने हिस्से का रक्त आपके बेटे को देने के लिए तैयार हूँ।”
मनीष सिंह महिला को सांत्वना देते हुए तुरंत नजदीकी ब्लड बैंक और अस्पताल की ओर रवाना हुए, ताकि समय रहते पीड़ित बच्चे को नया जीवन मिल सके।
**इलाके में मनीष सिंह के जज्बे की हो रही है तारीफ**
इस घटनाक्रम को देख रहे स्थानीय लोगों और राहगीरों ने समाजसेवी मनीष सिंह के इस कदम की खुले दिल से सराहना की। उपस्थित लोगों का कहना था कि आज के स्वार्थी दौर में, जहां लोग सड़क पर तड़पते और मदद मांगते लोगों को देखकर भी नजरअंदाज कर आगे बढ़ जाते हैं, वहीं मनीष सिंह ने एक अनजान महिला के दुख को अपना समझा और सीधे रक्तदान के लिए तैयार हो गए।
**लगातार सामाजिक कार्यों में रहते हैं अग्रणी**
गौरतलब है कि सोहना निवासी मनीष सिंह लंबे समय से क्षेत्र में सामाजिक और परोपकारी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। रक्तदान हो, गरीबों की आर्थिक मदद करनी हो या सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठानी हो, वे हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आते हैं। उनके इस ताजा मानवीय कदम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समाज में आज भी इंसानियत और सेवा भाव पूरी तरह जिंदा है। मनीष सिंह का यह कदम आज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और युवाओं को समाज सेवा के प्रति प्रेरित कर रहा है।