भूमि विवाद के निस्तारण को लेकर प्रशासन अलर्ट; डुमरियागंज में 30 जून तक चलेगा विशेष अभियान

Kapilvastupost
डुमरियागंज
भूमि विवाद से जुड़े मामलों के निपटारे में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए शासन स्तर पर समीक्षा की गई थी। इस समीक्षा में कुछ कमियों की आशंका जताए जाने के बाद, अब प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जमीन से जुड़े इन मामलों के प्रभावी और सटीक निस्तारण के लिए आगामी 30 जून तक एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
**1172 मामलों की दोबारा होगी जांच**
शासन के निर्देश पर डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कुल **1172 मामलों** को पुनः जांच और अंतिम निस्तारण के लिए स्थानीय प्रशासन को वापस भेजा गया है। इस समय क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी और जबरदस्त तपन के बावजूद तहसील प्रशासन ने मामलों को सुलझाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। अधिकारी खुद फील्ड में उतरकर पसीना बहा रहे हैं और विवादों का निपटारा कर रहे हैं। इस अभियान के तहत अब तक **79 मामलों** का सफल निस्तारण किया जा चुका है।
**इन गंभीर मुद्दों पर टिकी है प्रशासन की नजर**
तहसीलदार रवि कुमार यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि शासनादेश के क्रम में पिछले एक वर्ष के दौरान प्राप्त हुईं भूमि संबंधी शिकायतों की रिपोर्ट की दोबारा गहनता से जांच की जा रही है। इस विशेष अभियान में मुख्य रूप से निम्नलिखित मामलों को शामिल किया गया है:
* रास्ता, चकरोड और नाली पर अवैध कब्जा।
* चकबंदी में वरासत और न्यायालय के आदेशों का अमल दरामद।
* पट्टे की भूमि और तालाबों पर अवैध कब्जे की शिकायतें।
* आबादी की भूमि से जुड़े प्रकरण और भू-माफियाओं द्वारा किया गया कब्जा।
* भूमि अधिग्रहण, व्यवस्थापन, हस्तांतरण और मुआवजे से संबंधित मामले।
* सीएम किसान कल्याण योजना के तहत आने वाले प्रकरण।
* सार्वजनिक भूमि जैसे— तालाब, श्मशान और खेल के मैदानों पर किया गया अतिक्रमण।
**आईजीआरएस पोर्टल पर फिर से ओपन हो रहे केस**
तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि इस अभियान के दौरान प्राप्त होने वाले सभी भूमि विवाद मामलों को **आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल** पर एकत्रित किया जा रहा है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इन केसों को पुनः ओपन (दोबारा शुरू) करते हुए पूरी निष्पक्षता के साथ निस्तारण कराया जा रहा है।