प्रशासन की उदासीनता से नगर पंचायत बढ़नी में खुले आम सार्वजनिक जगहों पर सड़क किनारे शराब पीने वालों का लगता है जमावड़ा

ठेके के बगल चिखना के साथ पीने खाने की होती है पूरी व्यवस्था, पुलिस प्रशासन व आबकारी विभाग बना मूकदर्शक

उक्त रास्ते से आने जाने वाली महिलाओं और राहगीरों को होती है भारी असुविधा, जगह जगह लगा गंदगी का अंबार

गुरु जी की कलम से

बढ़नी- सिद्धार्थ नगर जनपद के ढेबरुआ थाना अंतर्गत नगर पंचायत बढ़नी में सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने से अक्सर उपद्रव होने की घटनाएं सामने आती रही है। जो ऐसा करना कानूनी रूप से एक दंडनीय अपराध है। सूत्रों की मानें तो बताया जाता है कि पूर्व में सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने वालों को रोकने के लिए थाना क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया जाता रहा है। जिसमें विशेष अभियान के तहत् सार्वजनिक एवं आम स्थानों पर शराब पीने वालों तथा पीने के लिए सुविधा उपलब्ध कराने वालों पर अभियान चलाकर कार्रवाई भी की जाती रही है। कार्यवाही के लिए सभी थानों-चौकी से पेट्रोलिंग लगाई गई थी। थाना-चौकी प्रभारियों को सार्वजनिक एवं आम स्थानों पर शराब पीने वाले तथा शराब पीने के लिए सुविधा उपलब्ध कराने वालों पर विशेष अभियान चलाकर निरंतर कार्रवाई करने के लिए दिशानिर्देश जारी किया गया था। जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों पर पुलिस द्वारा शिकंजा कसना शामिल था।

ढेबरुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत शराब की दुकानों के आसपास सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन करने वाले अराजकतत्वों पर कार्रवाई करने के साथ ही महिलाओं व आमजन को असुविधा न हो इसे ध्यान में रखते हुए शराब की दुकानों के आसपास सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।
बताया जाता है कि नगर पंचायत बढ़नी बस स्टैंड चौराहे के पास (वार्ड नंबर 3 लोहिया नगर) नेशनल हाईवे 730 पचपेड़वा बलरामपुर जाने वाले मेन सड़क के किनारे स्थित एक देसी शराब की दुकान संचालित हो रही है। जहां पर शराबियों द्वारा झुंड बनाकर खुले आम शराब का सेवन करते हुए देखा जा सकता है। वहीं पर लगे एक बोर्ड पर लाइसेंस की अवधि 1अप्रैल 2025 से 31मार्च 2026 लिखा हुआ है और दुकान के बाहर आसपास या किसी सार्वजनिक स्थान पर शराब पीना वर्चित है, कोई भी उल्लंघन दंडनीय होगा ऐसा लिखा हुआ है। फिर भी वही नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बोर्ड के पास जमघट लगा रहता है। और उसी के बगल में एक प्राइवेट दुकान भी अवैध रूप से संचालित की जा रही है। जहां पर चिखना के साथ खाने पीने का पूरा इंतजाम किया जाता है। और कुछ लोग कमरे से बाहर सड़क किनारे भी खुलेआम शराब का सेवन करते हुए देखें जा सकते हैं। जबकि उक्त रास्ते से पढ़ने वाले छात्र छात्राए व महिलाओं सहित तमाम राहगीरों का आना जाना लगा रहता है। लोगों को भारी असुविधा होती है। स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने और सुविधा मुहैया कराने वाले लोगों के खिलाफ जल्द अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखने वाली बात है कि कुम्भकरण की नींद सो रही पुलिस प्रशासन व आबकारी विभाग ध्यान कब देती है। या फिर यूं ही नियमों की धज्जियां उड़ती रहेगी।