पद्मश्री से सम्मानित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का बहन के घर भव्य स्वागत, तिलक और माल्यार्पण कर परिजनों ने जताई खुशी

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**सिद्धार्थनगर / डुमरियागंज**
राष्ट्रपति के हाथों देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्मश्री’ से नवाजे जाने के बाद प्रख्यात चिकित्सक प्रोफेसर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद पहली बार डुमरियागंज स्थित अपनी बहन गीता देवी के आवास पहुंचे। वार्ड महाराजा अग्रसेन नगर में उनके आगमन पर उनकी छोटी बहन ने तिलक लगाकर और माल्यार्पण कर उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूरे परिवार में उत्सव जैसा माहौल नजर आया।
**चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान**
किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र प्रसाद को श्वसन रोग, टीबी नियंत्रण और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में कई दशकों के उल्लेखनीय योगदान के लिए इस वर्ष पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
बस्ती जनपद के मुंडेरवा में 17 फरवरी 1950 को जन्मे डॉ. प्रसाद दो भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर पर हैं। उन्हें पद्मश्री के अलावा चिकित्सा जगत के प्रतिष्ठित ‘वीसी रॉय राष्ट्रीय पुरस्कार’ सहित देश-विदेश के कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है।
**सम्मान का सफर**
* **25 जनवरी:** भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयन की घोषणा।
**2 अप्रैल:** मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विशेष सम्मान।
* **25 मई:** नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री अलंकरण।
**”सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता”**
डुमरियागंज कस्बे के प्रतिष्ठित अधिवक्ता शक्ति प्रकाश अग्रहरि (डॉ. प्रसाद के बहनोई) के आवास पर मीडिया से विशेष बातचीत में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने युवाओं को सफलता का मंत्र दिया। उन्होंने कहा:”सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण ही सफलता की असली कुंजी हैं। मेहनत और ईमानदारी का यह संस्कार मुझे अपने पिता से विरासत में मिला, जिसने जीवन के हर पड़ाव पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।”
इस गौरवमयी और भावुक पल के दौरान मीरा, अजय अग्रहरि, राजीव कुमार, अभिषेक, मनीषा, सोनम, अन्नपूर्णा सहित परिवार के कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।