मिशन सेफ फ्यूचर: सिद्धार्थनगर में 22 स्कूली वाहनों की जांच, ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई, कई स्कूल वाहनों में नहीं दिखे परिचालक

विभाग की सघन चेकिंग और स्कूल बसों से हुवे हादसे के बाद भी कई स्कूल बसों में परिचालक उपलब्ध नहीं है विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं।

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर।
सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान के तीसरे दिन परिवहन विभाग ने जिले में बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने सघन चेकिंग अभियान चलाकर 22 स्कूली वाहनों का निरीक्षण किया। इस दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।
दो ओवरलोड वाहन सीज, 11 का चालान
जांच के दौरान परिवहन विभाग ने एक निजी वाहन को अवैध रूप से व्यावसायिक (कमर्शियल) रूप में संचालित होते हुए पकड़ा। इसके अलावा, क्षमता से अधिक बच्चों को ले जा रहे दो ओवरलोड वाहनों को जब्त कर संबंधित थाने में निरुद्ध (सीज) कर दिया गया है। चेकिंग के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 11 अन्य वाहनों का चालान भी काटा गया।
5 बार से अधिक चालान होने पर DL होगा निलंबित
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) संजय कुमार सिंह ने बताया कि परिवहन आयुक्त के निर्देशों के क्रम में सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। उन्होंने वाहन चालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि:
गंभीर अपराधों पर नजर:** ओवरस्पीडिंग, मालवाहक वाहनों में ओवरलोडिंग, सवारी ढोना, शराब पीकर गाड़ी चलाना और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
*3 महीने के लिए लाइसेंस रद्द:** यदि किसी वाहन का 1 जनवरी से 30 जून के बीच इन गंभीर श्रेणी के अपराधों में **5 या उससे अधिक बार चालान** हुआ है, तो संबंधित चालक का ड्राइविंग लाइसेंस (DL) कम से कम 3 महीने के लिए निलंबित (Suspend) कर दिया जाएगा।
ARTO ने स्पष्ट किया कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन के साथ-साथ परमिट शर्तों के उल्लंघन और मालवाहक वाहनों में सवारी ढोने के मामलों में भी नियमानुसार सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।