📅 Published on: July 16, 2026
गुरु जी की कलम से
**बढ़नी (सिद्धार्थनगर):** उत्तर प्रदेश के शोहतरतगढ़ थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने और धोखाधड़ी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। न्यायालय के कड़े आदेश के बाद स्थानीय पुलिस ने एक महिला की जमीन को फर्जी आधार कार्ड के जरिए अवैध रूप से बेचने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह पूरी जालसाजी तब उजागर हुई जब पीड़िता अपनी खरीदी हुई जमीन पर कब्जा लेने पहुंची।
* **न्यायालय का कड़ा रुख:** अदालत के आदेश के बाद शोहरतगढ़ थाने में जालसाजों के खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाई।
* **कब्जा लेने पर खुला राज:** जब पीड़िता भूमि पर कब्जा लेने पहुंची, तब जाकर इस बड़े फर्जीवाड़े और जालसाजी का पता चला।
**फर्जी पहचान का खेल:** बैनामे के दौरान मुख्य आरोपी की जगह दूसरे व्यक्ति ने खुद को असली मालिक बताकर फर्जी हस्ताक्षर किए और जाली आधार कार्ड का इस्तेमाल किया।
**क्या है पूरा मामला?**
ढेबरुआ थाना क्षेत्र के जियाभारी गांव की निवासी साफिया खातून ने न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़िता के अनुसार, 21 अक्टूबर 2023 को उन्होंने मुड़िला देहात स्थित गाटा संख्या 208 की 0.1260 हेक्टेयर भूमि का बैनामा 5 लाख रुपये में कराया था। इस पूरी धनराशि का भुगतान चेक के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया था।
धोखाधड़ी का पता तब चला जब साफिया खातून अपनी इस जमीन पर कब्जा लेने पहुंचीं। वहां पहुंचने पर विवाद की स्थिति पैदा हो गई। जब मामले की गहराई से जांच की गई, तो पीड़िता के होश उड़ गए। पता चला कि जिस जमीन का बैनामा उन्हें किया गया था, वह पूरी तरह से फर्जी आधार कार्ड के आधार पर तैयार किया गया था।
**इन चार आरोपियों पर दर्ज हुआ केस**
साफिया खातून की शिकायत और पुलिस जांच के बाद इस साजिश में शामिल निम्नलिखित चार लोगों को नामजद किया गया है:
1. **दुर्गेश पांडेय उर्फ दुर्गेश कुमार** (पुत्र गौकरन, निवासी: मिल कालोनी, बढ़नी)
2. **आशीष कुमार** (पुत्र गौकरन, निवासी: मिल कालोनी, बढ़नी)
3. **हमीदुल्लाह** (पुत्र वली मोहम्मद, निवासी: जियाभारी, थाना ढेबरुआ)
4. **राजेश कुमार यादव** (पुत्र नारद यादव, निवासी: परिगवा, थाना शोहरतगढ़)
**साजिश का तरीका:** आरोप है कि इन सभी ने एक सोची-समझी साजिश के तहत धोखाधड़ी को अंजाम दिया। बैनामे के वक्त मुख्य आरोपी दुर्गेश के स्थान पर उसके भाई आशीष कुमार ने खुद को दुर्गेश बताते हुए दस्तावेजों पर जाली हस्ताक्षर किए और फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करके रजिस्ट्री करवा दी।
**अदालत के आदेश पर पुलिस की कार्रवाई**
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की और थाना प्रभारी शोहरतगढ़ को इस प्रकरण में उपयुक्त कानूनी धाराओं के तहत तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया।
**थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह का बयान:** “न्यायालय के आदेश के अनुपालन में चारों आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विस्तृत विवेचना उपनिरीक्षक संतोष कुमार यादव को सौंपी गई है। सभी संबंधित दस्तावेजों की गहनता से जांच, सरकारी अभिलेखों के मिलान और साक्ष्यों के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”