📅 Published on: August 4, 2026
Kapilvastupost
**भनवापुर (सिद्धार्थनगर):**
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इटवा थाना क्षेत्र के बेनीनगर में कानून-व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे पर चढ़कर खुलेआम रिवाल्वर लहराते युवक की तस्वीरें साफ बयां कर रही हैं कि असामाजिक तत्वों में पुलिस और प्रशासन का रत्ती भर भी खौफ नहीं रह गया है।
क्या है पूरा मामला?
क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान जब कांवड़ियों का जत्था बेनीनगर के पास पहुंचा, तो दो डीजे संचालक आमने-सामने आ गए। इसी बीच माहौल में अचानक तनाव और हुड़दंग बढ़ गया। तेज आवाज में बजते डीजे और नाचते युवाओं की भीड़ के बीच एक युवक अपने साथियों के कंधे पर सवार होकर खुलेआम हाथ में पिस्टल/रिवाल्वर लहराने लगा।
हैरानी की बात यह है कि जहां सैकड़ों की भीड़ और भारी शोर-शराबा था, वहां युवक को न तो कानून का डर था और न ही किसी कार्रवाई की परवाह। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। *(नोट: हमारा संस्थान वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।)
पुलिस व्यवस्था और मुस्तैदी पर उठे गंभीर सवाल
संवेदनशील मौकों और यात्राओं के दौरान सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाली इटवा पुलिस इस घटना के बाद पूरी तरह कटघरे में खड़ी नजर आ रही है।
**सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक:** कांवड़ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में जहां भारी पुलिस बल की तैनाती का दावा किया जाता है, वहां भीड़ के बीच हथियार लहराया जाना पुलिस की मुस्तैदी पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
**अज्ञानता या लापरवाही?** जब पूरे मामले पर थानाध्यक्ष इटवा संजय मिश्र से बात की गई, तो उनका कहना था कि *“मामला अभी संज्ञान में नहीं है, वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है।”*
ऐसे में सवाल यह उठता है कि जिस घटना की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है और जिसका वीडियो वायरल है, उसकी भनक स्थानीय पुलिस और इंटेलिजेंस को समय रहते क्यों नहीं लगी?
*आम जनता में खौफ:* भीड़भाड़ वाले आयोजन में इस तरह खुलेआम असलहा लहराना किसी बड़े हादसे को दावत दे सकता था। अगर कोई अनहोनी हो जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता?
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ऐसे हुड़दंगियों पर लगाम नहीं कसी गई और हथियारों के नुमाइश पर कड़ा रुख नहीं अपनाया गया, तो क्षेत्र में कानून-व्यवस्था कायम रखना नामुमकिन हो जाएगा। फिलहाल, देखना यह होगा कि वायरल वीडियो की जांच के नाम पर पुलिस लीपापोती करती है या दोषी युवक पर कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई होती है।