बिजली कटौती से उपभोक्ताओं का सब्र टूटा, विद्युत उपकेंद्र का किया घेराव; प्रदर्शन की चेतावनी

Kapilvastupost

लोटन/घोसियारी/मिश्रौलिया। भीषण गर्मी और उमस के बीच क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। लगातार हो रही अघोषित कटौती और रोस्टिंग से परेशान उपभोक्ताओं का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। रविवार सुबह 10 बजे आक्रोशित उपभोक्ताओं ने लोटन क्षेत्र स्थित छेरियाकाछा विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और परिसर का घेराव किया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।

शाम होते ही आंख-मिचौली, सीएचसी में मरीज बेहाल

क्षेत्रीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो महीनों से बिजली की समस्या गंभीर बनी हुई है। शाम 7 बजते ही रोस्टिंग के नाम पर दो घंटे की कटौती की जाती है। आपूर्ति बहाल होने के 10 मिनट बाद फिर से बिजली गुल हो जाती है। यह सिलसिला पूरी रात जारी रहता है। बिजली न रहने के कारण लोटन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती मरीजों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हल्की सी बारिश या हवा चलते ही आपूर्ति ठप कर दी जाती है।

बेलवा और खैरटिया पावर हाउस के दावों की खुली पोल

एक तरफ सरकार ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली देने का दावा कर रही है, वहीं बेलवा और खैरटिया पावर हाउस से जुड़े गांवों में बमुश्किल 10 से 12 घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है। अघोषित रात्रिकालीन कटौती का सबसे ज्यादा बुरा असर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और स्कूली छात्रों पर पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों को फोन करने पर अधिकतर के नंबर बंद मिलते हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है।

  • उपभोक्ताओं का पक्ष: अनुराग कसौधन, राकेश मिश्र, शब्बीर अहमद खान, आशुतोष मिश्र और शाहिद हुसैन सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि रात भर मच्छरों और उमस के बीच समय बिताना पड़ रहा है। समस्या का त्वरित समाधान न होने पर चक्का जाम किया जाएगा।

  • अधिकारियों का पक्ष: बेलवा उपकेंद्र के जेई अनूप यादव का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में 6 घंटे की निर्धारित रोस्टिंग का रोस्टर लागू है। वहीं, लोटन के जेई सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उपभोक्ताओं की समस्याओं को ध्यान में रखकर आपूर्ति बहाल कर दी गई है।