नेपाल जेल से फरार 163 कैदियों की तलाश तेज, भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर / कपिलवस्तु: भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिले में पुलिस ने फरार कैदियों के खिलाफ धरपकड़ अभियान तेज कर दिया है। पिछले वर्ष 10 सितंबर 2025 को ‘जेनजी आंदोलन’ के दौरान देवानगढ़िया जेल (कपिलवस्तु नगर पालिका-3) में हुई तोड़फोड़ और आगजनी के बाद दो अलग-अलग ब्लॉकों से कुल 459 कैदी फरार हो गए थे। पुलिस की अब तक की कार्रवाई में 296 कैदियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 163 कैदी अब भी फरार हैं।

25 कैदियों ने किया आत्मसमर्पण, अन्य जेलों के भगोड़े भी गिरफ्तार कपिलवस्तु जिला पुलिस प्रवक्ता रिपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस की लगातार अपील के बाद 25 कैदियों ने खुद जेल पहुंचकर आत्मसमर्पण किया, जबकि बाकी कैदियों को पुलिस टीम ने विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया है।

इसके अलावा, कपिलवस्तु पुलिस ने नेपाल की अन्य जेलों से फरार हुए 17 कैदियों को भी पकड़ा है। इनमें केंद्रीय जेल के 8, नक्खू जेल के 5, तुलसीपुर जेल के 3 और कास्की जेल का 1 कैदी शामिल है।

सिद्धार्थनगर से सटी सीमा पर बढ़ी निगरानी, SSB और APF सतर्क कपिलवस्तु जिले की सीमा उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से लगती है। बढ़नी-कृष्णानगर, खुनुवां, ककरहवा और मोहाना जैसे प्रमुख सीमा मार्गों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है।

कैदियों के भारतीय सीमा में घुसने की आशंका को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सीमा पर तैनात भारतीय सीमा सुरक्षा बल (SSB) और नेपाल की सशस्त्र प्रहरी बल (APF) संयुक्त रूप से संदिग्ध गतिविधियों और अवैध आवाजाही पर कड़ी नजर रख रही हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी भी फरार कैदी के भारतीय सीमा में प्रवेश करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

353 अन्य सजायाफ्ता भी गिरफ्तार, 55 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला जेल से भागे कैदियों के अलावा कपिलवस्तु पुलिस ने अदालत से सजा और जुर्माना सुनाए जाने के बाद लंबे समय से फरार चल रहे 353 सजायाफ्ता आरोपियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इन अभियुक्तों से कुल 55,94,579 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, क्षेत्र में अभी भी 703 अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी होना बाकी है, जिनके लिए अभियान चलाया जा रहा है।