सिद्धार्थनगर: आकाशीय बिजली की चपेट में आने से भैंस की दर्दनाक मौत, पशुपालक की आजीविका पर गहराया संकट

Kapilvastupost

उसका बाजार (सिद्धार्थनगर): आज शाम हुई जोरदार बारिश और गरज के कारण विकासखंड उसका बाजार के देवलहा ग्रांट गांव में एक दुखद घटना सामने आई है। सिवान में चरने गई एक भैंस की आकाशीय बिजली (गाज) गिरने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पीड़ित पशुपालक नईम के लिए यह घटना किसी बड़े वज्रपात से कम नहीं है, क्योंकि यह भैंस ही उनके परिवार के पालन-पोषण का मुख्य जरिया थी।

रोजी-रोटी का एकमात्र सहारा छिना मिली जानकारी के अनुसार, देवलहा ग्रांट निवासी नईम की भैंस गांव के पास सिवान में चर रही थी। इसी दौरान अचानक मौसम बिगड़ा और तेज चमक व गरज के साथ आकाशीय बिजली भैंस पर गिर पड़ी। हादसा इतना भीषण था कि भैंस ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पीड़ित पशुपालक नईम बेहद गरीब हैं और दूध बेचकर अपने परिवार का पेट पालते थे। भैंस की अचानक मौत से उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

विभागों को दी गई सूचना घटना के तुरंत बाद पीड़ित पशुपालक ने राजस्व विभाग (तहसील प्रशासन) और पशुपालन विभाग को मामले की लिखित/मौखिक सूचना दे दी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द मौका मुआयना (पोस्टमार्टम व जांच) कराकर पीड़ित को उचित राहत राशि प्रदान करे।

सरकारी नियम: पीड़ित पशुपालक को मिल सकती है ₹37,500 की मदद

उत्तर प्रदेश शासन (आपदा प्रबंधन/राजस्व विभाग) के नियमों के अनुसार, प्राकृतिक आपदा या आकाशीय बिजली की चपेट में आने से यदि किसी पशुपालक के मुख्य दुधारू पशु (गाय/भैंस) की मृत्यु होती है, तो उसे सरकारी सहायता दिए जाने का प्रावधान है।

  • 37,500 रुपये का मुआवजा: आपदा राहत कोष के तहत बड़े दुधारू पशु (भैंस/गाय) की मृत्यु पर ₹37,500 तक की आर्थिक सहायता राशि दी जाती है।

  • मुआवजा पाने की जरूरी प्रक्रिया:

    1. पशुपालक को घटना की तुरंत सूचना स्थानीय राजस्व निरीक्षक (लेखपाल), अंचल कार्यालय या तहसील में देनी होती है।

    2. पशुपालन विभाग के डॉक्टर द्वारा मृत पशु का पोस्टमार्टम (Post-Mortem) और पंचनामा कराया जाता है।

    3. रिपोर्ट और दावे का सत्यापन होने के बाद सहायता राशि सीधे पशुपालक के बैंक खाते में भेज दी जाती है।