📅 Published on: September 19, 2026
kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में इन दिनों बिजली की बद से बदतर स्थिति से लोग बेहद परेशान हैं। बांसी विधानसभा क्षेत्र से लेकर ककरहवा और नौगढ़ ब्लॉक के तमाम गांवों में अघोषित बिजली कटौती (रोस्टिंग) और जले हुए ट्रांसफॉर्मर की वजह से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है।
बांसी में अघोषित कटौती पर समाजवादी पार्टी ने सौंपा ज्ञापन
बांसी तहसील, खेसरहा, खैरटिया, पथरा और मरवाटिया समेत कई सब-स्टेशन क्षेत्रों में रात 8 बजे से 12 बजे के बीच घंटों बिजली कटौती की जा रही है। शासन के आदेशों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे और नगर क्षेत्रों में 22 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इन आदेशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। इस समस्या को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रदेश सदस्य कमाल अहमद खान ने विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंता (EE) को ज्ञापन सौंपकर तुरंत विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। इस दौरान रियाज खान, अजीजुल्लाह, नसीम और तुफैल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
मनोहरी गांव में ट्रांसफॉर्मर जला, ओवरलोड से बिजली आपूर्ति ठप्प
सिद्धार्थनगर के नौगढ़ ब्लॉक अंतर्गत मनोहरी गांव में 10 KVA का ट्रांसफॉर्मर पूरी तरह जल चुका है। स्थानीय लाइनमैन ने इसका लोड दूसरे 25 KVA के ट्रांसफॉर्मर पर शिफ्ट कर दिया। अधिक भार पड़ने के कारण बिजली चालू होते ही बार-बार ट्रिप कर जाती है और कटआउट गिर जाता है। गांव में बिजली के तार भी ढीले हैं और एक पोल झुका हुआ है, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है। अमरनाथ पांडेय, जितेंद्र पांडेय, दुर्गेश यादव और अरुण पांडेय सहित अन्य ग्रामीणों ने विभाग से जल्द नया ट्रांसफॉर्मर लगवाने और लाइन व पोल को दुरुस्त कराने की मांग की है।
ककरहवा में 6 घंटे की रात्रि रोस्टिंग से बच्चों की पढ़ाई और नींद हराम
ककरहवा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रात के समय लगभग 6 घंटे की लंबी बिजली कटौती की जा रही है। गर्मी और मच्छरों के बीच छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं रात भर परेशान रहने को मजबूर हैं। बिजली गुल रहने से जहां बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं ग्रामीण इलाकों में लगातार सर्पदंश के मामले भी बढ़ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीण हजरत अली, भवानी शुक्ला और फखरुल इस्लाम ने बताया कि दिन में किसी तरह काम चल जाता है, लेकिन रात में लगातार घंटों बिजली कटने से पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति को नियमित करने और खराब उपकरणों को बदलने की मांग की है।