बढ़नी में ‘कागजी’ विकास पर धन की लूट? झमाझम बारिश में भी हो गई खाई खुदाई और बांध निर्माण की ऑनलाइन हाजिरी!

अधिकारियों की नाक के नीचे चल रहा ‘मैनेजमेंट का खेल’, ग्रामीणों ने BDO से उठाई निष्पक्ष भौतिक सत्यापन की मांग

गुरु जी की कलम से

बढ़नी, सिद्धार्थनगर।

विकास खंड बढ़नी में VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी रोजगार) योजना के नाम पर भ्रष्टाचार का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के बंदरबांट का गंभीर आरोप सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि जिस खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय से इन सभी विकास कार्यों की कड़ी निगरानी होनी चाहिए, वहीं की सरपरस्ती और कथित मिलीभगत से सब कुछ ‘मैनेज’ किए जाने का आरोप ग्रामीण लगा रहे हैं।

धरातल पर काम का नामोनिशान नहीं, लेकिन सिस्टम की मेहरबानी से कागजों में कुदालें चल रही हैं और फर्जी हाजिरी के जरिए सरकारी खजाने में सेंध लगाई जा रही है।

कुदरत का नियम बदला या सिस्टम की बाजीगरी? भारी बारिश के बीच एक ही दिन में लग गई सैकड़ों की हाजिरी

ग्रामीणों के अनुसार, बीते बुधवार (07 अक्टूबर 2026) को क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हो रही थी। पानी इतना था कि लोग घरों से निकलने में कतरा रहे थे, लेकिन सरकारी कागजों में मजदूर खेत, ताल और पोखरों पर पसीना बहा रहे थे!

बिना मजदूरों को मौके पर बुलाए और बिना कोई काम कराए ही अलग-अलग पंचायतों में धड़ाधड़ ऑनलाइन हाजिरी (NMMS App) चढ़ा दी गई। कागजी आंकड़ों का यह खेल देखिए:

  1. ग्राम पंचायत पड़रिया (MsR 2655): पशुचर की खाई खुदाई कार्य में संतराम, शहरुन्निसा आदि की हाजिरी दर्ज।

  2. ग्राम पंचायत खैरी शीतल प्रसाद (MsR 2690): तुलसिहवा ताल से खैरी गांव तक बांध निर्माण में संगीता, रामसागर, रेनू आदि की ऑनलाइन उपस्थिति।

  3. ग्राम पंचायत सिहोरवा (MsR 2718): सुरजी नर्सरी बांधा निर्माण के नाम पर ममता, राधेश्याम, परदीप जायसवाल आदि के नाम की हाजिरी।

  4. ग्राम पंचायत चंपापुर (MsR 2559): माल जी शर्मा के खेत से लालबाबू के बाग तक बांधा निर्माण कार्य में जौहरी, बसना आदि दर्ज।

  5. ग्राम पंचायत ढेबरुवा (MsR 2540): पेड़ लगाने की भूमि की खाई खुदाई व तार घेराई में राम विलाश, परमीला आदि की हाजिरी।

  6. ग्राम पंचायत गदरखा (MsR 2402): अजय के खेत से गम्मी के खेत तक बांधा पाटाई कार्य में निर्मला, बरखू, राजू आदि को काम करते दिखाया गया।

सिंडिकेट का खेल: प्रधान, रोजगार सेवक और ऑपरेटर की ‘तिकड़म’ से जॉब कार्ड का दुरुपयोग

सूत्रों का दावा है कि ग्राम पंचायतों में प्रधान, ग्राम रोजगार सेवक और कंप्यूटर ऑपरेटर का एक मजबूत सिंडिकेट सक्रिय है। यह सिंडिकेट आम ग्रामीणों और प्रवासी मजदूरों के जॉब कार्ड का दुरुपयोग कर घर बैठे ही फर्जी मास्टर रोल तैयार करता है। धरातल पर खाई खुदाई, बांध निर्माण या तार घेराई का कोई वजूद नहीं है, लेकिन कागजों में काम पूरा दिखाकर मजदूरी का भुगतान अपने चहेतों के खातों में डाइवर्ट किया जा रहा है।

जिम्मेदार चुप क्यों? निष्पक्ष भौतिक जांच से ही खुलेगी ‘कागजी गड्ढों’ की पोल

इस पूरे प्रकरण ने बढ़नी ब्लॉक के प्रशासनिक तंत्र पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी बढ़नी से पुरजोर मांग की है कि किसी टेबल-रिपोर्ट के बजाय मौके पर जाकर निष्पक्ष भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराया जाए। यदि अफसर निष्पक्षता से जांच करें तो बारिश के दिन कागजों में खुदे गड्ढे और बने बांध प्रशासनिक दावों की पोल खोल देंगे।

अधिकारी का पक्ष: देर रात या फर्जी हाजिरी पाई गई तो होगी कठोर कार्रवाई

मामले में जब मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी (APO) शाहिद सिराज से बात की गई तो उन्होंने बताया:

“नियमानुसार सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी साइट पर अपलोड होनी चाहिए। अगर देर रात, बारिश के दिन या किसी भी प्रकार से बिना काम के फर्जी हाजिरी लगाई गई है, तो यह सरासर गलत है। मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

सवाल अब भी बरकरार है: क्या यह जांच केवल बयानों तक सीमित रहेगी या फिर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिरेगी और जनता के टैक्स का पैसा लूटने वालों पर शिकंजा कसेगा?