सेवा संकल्प अभियान: पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साधना चौधरी की मौजूदगी में सैकड़ों लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण, बाल श्रम उन्मूलन पर जोर
📅 Published on: October 10, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर के बढ़नी ब्लॉक परिसर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतिम दिन शुक्रवार को शिविर में तमाम विभागों की तरफ से पंडाल लगे थे जहां श्रम विभाग की ओर से श्रमिक पंजीयन एवं स्वास्थ्य परीक्षण , खाद्य एवं आपूर्ति विभाग , शिक्षा विभाग की तरफ से शिविर का भव्य आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साधना चौधरी की मौजूदगी में आयोजित इस शिविर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी की चिकित्सकीय टीम ने 152 श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवाएं वितरित कीं।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
स्वास्थ्य परीक्षण एवं पंजीकरण: 152 श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच कर मुफ्त दवाएं बांटी गईं और विभागीय योजनाओं हेतु पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई।

बाल श्रम उन्मूलन पर बल: बच्चों के हाथों में किताबों की वकालत करते हुए समाज के सभी वर्गों से बाल श्रम रोकने में सहयोग की अपील की गई।

सरकारी योजनाओं का प्रसार: श्रमिकों को श्रम विभाग की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

समापन कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साधना चौधरी ने कहा:
“श्रमिक हमारे समाज का आधार हैं। उनका स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक विकास हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। ‘सेवा सेतु अभियान’ जैसे शिविरों के माध्यम से सरकारी सुविधाएं सीधे जरूरतमंद श्रमिकों तक पहुंच रही हैं। समाज के हर पात्र श्रमिक को योजनाओं का लाभ दिलाना हम सभी का दायित्व है।”
इस दौरान बढ़नी नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील अग्रहरि ने कहा:
“नगर पंचायत व आसपास के क्षेत्रों में श्रमिकों के हित के लिए इस तरह के आयोजन बेहद जरूरी हैं। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
योजनाओं की जानकारी के बारे में बताते हुवे खंड विकास अधिकारी अनिशी मणि पाण्डेय ने कहा संकल्प योजना का उद्देश्य एक ही छत के नीचे ग्रामीणों की सभी समस्याओं का मौके पर निस्तारण करना है । सैकड़ों ग्रामीणों को इसका लाभ अफूंच है। बाल श्रम पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा:
“बच्चों के हाथों में औजार नहीं, बल्कि किताबें और कलम होनी चाहिए। बाल श्रम को जड़ से खत्म करने के लिए प्रशासन, श्रम विभाग, जनप्रतिनिधियों और आम जनता को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। यदि कहीं भी बाल श्रम दिखे, तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें और बच्चों को स्कूल भेजने में मदद करें।”



