सिद्धार्थनगर: 15 हजार मानदेय और राज्य कर्मचारी के दर्जे की मांग को लेकर सड़क पर उतरीं समूह सखियां, सौंपा 13 सूत्रीय ज्ञापन

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सिद्धार्थनगर जिले के बांसी स्थित माधव बाबू पार्क में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी समूह सखियों और महिला कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। महिला समूह संघ उत्तर प्रदेश की जनपद शाखा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने सरकार से मानदेय बढ़ाने, राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और बकाया भुगतान समेत 13 सूत्रीय मांगें पूरी करने की पुरजोर मांग उठाई।

प्रमुख मांगें और प्रदर्शन की मुख्य बातें

मानदेय में भारी बढ़ोतरी: समूह सखियों का मानदेय ₹2,000 से बढ़ाकर ₹15,000 प्रतिमाह करने और उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की प्रमुख मांग रखी गई।

विभिन्न संवर्गों के लिए तय मानदेय:

महिला मेट के लिए ₹12,000 मासिक मानदेय व नियुक्ति प्रमाण पत्र।

स्वास्थ्य सखियों के लिए स्वास्थ्य किट के साथ ₹12,000 प्रतिमाह।

बीसी सखी, आजीविका सखी और बैंक सखी के लिए ₹10,000 प्रतिमाह।

ऋण और वित्तीय राहत: बीसी सखियों को मशीन खरीदने के लिए दी गई ₹75,000 की राशि को ब्याज मुक्त करने तथा समूहों की कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) को ₹10 लाख तक ब्याज मुक्त करने की मांग उठाई गई।

बकाया भुगतान और अन्य मांगें: पिछले तीन वर्षों से लंबित राशन ढुलाई व मजदूरी का भुगतान, शौचालयों के केयरटेकर को ₹9,000 प्रतिमाह सीधे बैंक खाते में देने और कृषि यंत्रों पर 50% सब्सिडी की मांग शामिल है। इसके अलावा, समूह से जुड़ी महिलाओं की बेटियों के विवाह के लिए ₹2 लाख का अनुदान देने की भी आवाज उठाई गई।

वक्ताओं के तीखे तेवर

संघ की प्रदेश प्रवक्ता कुसुम लोधी ने आरोप लगाया कि कम और अनियमित मानदेय के कारण महिलाओं को काम के दौरान अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है, जिससे कई महिलाएं कर्ज के बोझ तले दब गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता हेमंत चौधरी भी मौजूद रहे। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं और उन्हें आर्थिक दबाव व कर्ज के संकट में धकेला जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो महिलाएं संबंधित विभाग के मंत्री ओम प्रकाश राजभर का घेराव करने के लिए बाध्य होंगी।

प्रदर्शन के अंत में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित 13 सूत्रीय मांगपत्र एसडीएम बांसी को सौंपा। अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इन महिला कर्मियों की मांगों पर क्या और कब तक ठोस निर्णय लेता है।