फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी पाने वाला सफाई कर्मचारी बर्खास्त, दो साल चली जांच के बाद डीपीआरओ की बड़ी कार्रवाई

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डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर): भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के पेंड़रा गांव के रहने वाले बलराम पुत्र भरथू को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप में सेवा समाप्त कर दिया गया है। वह इटवा ब्लॉक क्षेत्र में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे। लगभग दो साल तक चली लंबी जांच के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) ने यह सख्त कार्रवाई की है।

क्या है पूरा मामला?

भनवापुर ब्लॉक के बिशुनपुर हरी गांव निवासी बृजेश कुमार पांडेय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बलराम ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे अनुचित तरीके से सफाई कर्मचारी की नौकरी हासिल की है। इस शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू हुई।

अपर जिला पंचायती राज अधिकारी ने 30 जनवरी 2025 को आरोपी सफाई कर्मी बलराम को आरोप पत्र जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा था। लेकिन, निर्धारित समय पर जवाब देने के बजाय बलराम ने 14 मई 2025 को पत्र भेजकर दावा किया कि शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत वापस ले ली है।

इसके बाद, 24 मई 2025 को शिकायतकर्ता बृजेश कुमार पांडेय ने दोबारा शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग उठाई। जांच के दौरान यह पाया गया कि सफाई कर्मचारी लगातार आरोपों का जवाब देने से बच रहा है और भ्रामक उत्तर दे रहा है।

जांच में साबित हुए आरोप

विस्तृत जांच में यह सत्य पाया गया कि बलराम ने नौकरी के लिए आवेदन करते समय अपनी जन्मतिथि से जुड़े प्रमाण के रूप में कूट-रचित (फर्जी) अभिलेख प्रस्तुत किए थे। आरोपों की पुष्टि होने के बाद डीपीआरओ ने सफाई कर्मी बलराम की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया।