📅 Published on: October 27, 2026
कपिलवस्तुपोस्ट
डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर:
डुमरियागंज नगर पंचायत में पार्किंग की समुचित सुविधा न होने से कस्बेवासियों, दुकानदारों और राहगीरों को आए दिन भीषण जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। कस्बे में वाहनों को खड़ा करने के लिए कोई निर्धारित पार्किंग स्थल नहीं बनाया गया है। मजबूरी में लोग सड़कों के किनारे ही बेतरतीब तरीके से गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे पूरी यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है।
🏛️ नगर पंचायत बने 15 साल बीते, ‘आदर्श’ का दर्जा मिला पर नहीं बनी पार्किंग
डुमरियागंज को नगर पंचायत बने लगभग 15 वर्ष बीत चुके हैं। इस दौरान तीन बार चेयरमैन पद के चुनाव भी संपन्न हो चुके हैं और इसे ‘आदर्श नगर पंचायत’ का दर्जा भी दिया जा चुका है।
इसके बावजूद, नगर की सबसे बुनियादी जरूरत यानी एक व्यवस्थित पार्किंग स्थल का निर्माण अब तक नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के दावों के बीच यह समस्या सालों से जस की तस बनी हुई है।
🛑 बढ़ता अतिक्रमण और सिमटती सड़कें
एक तरफ जहां नगर में दोपहिया और चार पहिया वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ फुटपाथों पर दुकानदारों के अवैध कब्जे के कारण जगह और कम होती जा रही है। वाहन चालकों को गाड़ी खड़ी करने के लिए थोड़ी सी भी जगह नहीं मिल पाती, जिससे वे मुख्य मार्ग पर ही वाहन पार्क करने को मजबूर हैं।
📍 इन प्रमुख चौराहों और इलाकों में बदहाल रहती है यातायात व्यवस्था
पार्किंग के अभाव और अतिक्रमण के कारण कस्बे के लगभग सभी मुख्य मार्गों पर गाड़ियाँ रेंगती नज़र आती हैं। मुख्य रूप से प्रभावित इलाकों में शामिल हैं: मंदिर चौराहा ,बस्ती रोड ,बैदोला चौराहा ,इटवा रोड ,भड़रिया रोड ,खीरा मंडी ,शाहपुर क्षेत्र
🛍️ त्योहारों के सीजन में बिगड़ते हैं हालात
आम दिनों में तो लोग किसी तरह सड़कों पर बच-बचाकर निकल जाते हैं, लेकिन त्योहारों और लगन के दिनों में जब बाजार में खरीदारों की भीड़ बढ़ती है, तब स्थिति और भयावह हो जाती है। घंटों लगने वाले लंबे जाम के कारण आम जनता, स्थानीय व्यापारी, एम्बुलेंस और अन्य वाहन चालक बेहद परेशान होते हैं।
स्थानीय नागरिकों की मांग:
कस्बे के दुकानदारों और नागरिकों ने नगर प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि कस्बे में शीघ्र अति शीघ्र चिह्नित स्थानों पर पार्किंग स्थल का निर्माण कराया जाए और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए, ताकि लोगों को इस नित्य की समस्या से मुक्ति मिल सके।