सिद्धार्थ नगर – बेलगाम अफसर शाही का नतीजा महिला को घर में अकेला देख तहसीलदार ने महिला के पकडे हाथ भड़के गाँव वालों ने किया तहसील का घेराव

NIZAM ANSARI 

सिद्धार्थनगर जिले के तहसील बांसी के मिठवल कला गांव की रहने वाली एक महिला ने बांसी नायब तहसीलदार बिंदेश गुप्ता के ऊपर छेड़खानी का आरोप लगाई है ।

एक बार फिर से अफसरशाही की बेलगाम प्रवृत्ति और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली एक घटना सामने आई है। रात के अंधेरे में, एक स्थानीय तहसीलदार ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए, एक अकेली महिला के घर में जबरन प्रवेश किया और उसके साथ अशोभनीय व्यवहार किया।

यह नीच घटना मंगलवार 25 जून रात लगभग 8 बजकर 30 मिनट को घटी, जब तहसीलदार ने अपनी सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए महिला के घर में घुसकर उसके हाथ पकड़े। महिला ने इस घटना की लिखित शिकायत उपजिलाधिकारी बांसी को दी है  , जिसमें उसने तहसीलदार पर जबरदस्ती करने और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

इस घटना ने न केवल स्थानीय समाज में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय और सुरक्षा की अपेक्षा की जाती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह के घटनाएं आम जनता के विश्वास को हिलाकर रख देती हैं।

स्थानीय निवासियों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और संबंधित तहसीलदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर बुद्धवार को  बांसी तहसील का घेराव किया |

प्रशासनिक अधिकारियों का इस प्रकार का आचरण न केवल उनके पद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि यह कानून व्यवस्था की स्थिति को भी उजागर करता है। यह समय है कि सरकार और उच्च प्रशासनिक अधिकारी इस प्रकार की घटनाओं को गंभीरता से लें और ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएं, ताकि आम जनता का विश्वास प्रशासन और न्यायिक प्रणाली पर बना रहे।

इस घटना के बाद से प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। क्या हमारी कानून व्यवस्था इतनी कमजोर हो चुकी है कि जनता को उनके ही रक्षक अधिकारियों से डरना पड़े? क्या प्रशासनिक अधिकारी अपने पद का इस प्रकार दुरुपयोग कर सकते हैं?

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बेलगाम अफसरशाही और कमजोर कानून व्यवस्था के चलते आम जनता को कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि सरकार और न्यायपालिका इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या पीड़ित महिला को न्याय मिल पाता है या नहीं।

वही पीड़िता ने बताया कि नायब तहसीलदार रात्रि लगभग 8 बजे आए और घर में घुस गए घर गिराने का धमकी भी दिए और हाथ पकड़ लिए शोर मचाने पर ग्रामीण इकट्ठा हुए तब जाकर नायब तहसीलदार चले गए |

पीड़िता ने उपजिलाधिकारी को प्राथना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। वही ग्रामीणों ने कहा कि नायब तहसीलदार रात में गए थे और देखा भी गया है कि तहसीलदार महिला के घर में थे जब वहा सभी लोग पहुंचने लगे तो नायब तहसीलदार घर में से निकले और चले गए।

नायब तहसीलदार विजेंद्र गुप्ता कमरे में कुछ बोलने से मन कर दिए उन्होंने कहा कि जो जांच होगा वह मुझे स्वीकार होगा।