📅 Published on: September 3, 2024
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर देश को आजाद हुए 77 साल गुजर गए लेकिन अभी भी देश में जो विकास होना है वो अभी भी बहुत पीछे है भले ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सभी भाषण में देश की विकास की बात हमेशा किया करते हैं
हम बात कर रहे है यूपी की जहाँ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपने हर भाषण में यूपी की विकास की बाते करते नही थकते हैं।
लेकिन यूपी में विकास की जमीनी हकीकत आज हम आपको दिखाएंगे वो भी सिद्धार्थनगर जिले की, लेकिन उससे पहले ये आप तस्वीर देखिए ये तस्वीर सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज तहसील के अंतर्गत टिकरिया गाँव की है।
इस गांव का कुछ परिवार ऐसा है जहाँ केंद्र सरकार की और यूपी सरकार की कोई भी योजना आज तक नही पहुंचा है सरकार की मंशा है किसी भी गरीब को झोपड़ी में नही रहने देंगे।
सबके पास पक्का मकान होगा लेकिन इन गरीबों को कब मिलेगा पक्का मकान तरस गई इनकी आंखे आप को बताते चलें की कुछ परिवार के पास
मकान तक नही उसके बाद की तस्वीर आप देखिए सड़क तक नसीब नहीं है दालित बस्ती में दालित बस्ती की महिलाओं का आरोप हमारी बस्ती में सड़क पर पानी भर जाता है।
जब बारिश होती है बहुत बार ग्राम प्रधान से हम लोगो ने समस्याओं के बारे कहा इन माहिलाओं का बयान हम लोग ग्राम सचिव से ब्लाक के पिछे आवास पर एक हफ्ता मिले समस्याओं के बारे में बताया लेकिन सुनने को तैयार नही मगर किस से कहे कोई सुनने वाला नहीं मकान तो नही है ना रास्ता है।
बारिस मे कितना तकलीफ होती है ए हम लोग जानते है। और हद तो तब हो जाती है की सफाई कर्मी भी दालित बस्ती में नही आता है हम लोग रिक्वेस्ट करते हैं। फिर भी नही आते है।
अगर आता होगा तो प्रधान या फिर बड़े लोगो की नालियाँ साफ कर के चला जाता होगा माहिलाओं का आरोप की सरकार की तमाम योजना है मगर उस के लिए तरस रहे हैं ये दालित बस्ती परिवार के लोग अगर ग्राम प्रधान ग्राम विकास सचिव कभी इस बस्ती मे जाते तो क्या है इन दालित बस्ती की समस्या तो जरूर इन की निगाहे इस सड़क नाली आवास पर पड़ती मगर साहब इतने प्रभाव शाली है।
इन के कंधे पर 14 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी है जब की डुमरियागंज ब्लाक के कई सचिव ऐसे है जिनको पाँच गाँव तक आलाट तक नहीं है। अब अवनी सिंह एक ग्राम पंचायत को कितना समय दे पाते होगें। इसी आवेंटन से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है।
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