📅 Published on: February 12, 2025
नवरंगी यादव
शबे बरात का पर्व हिजरी कैलेंडर के शाबान महीने की 14वीं तारीख को सूर्यास्त के बाद मनाया जाता है। शब का अर्थ है रात्रि, जबकि बरात का मतलब है बरी होना अर्थात मोक्ष प्राप्त करना या पापों से छुटकारा पाने की रात।
इस रात में अल्लाह की कृपा/ रह़मत से बेशुमार मोमिन नरक या जहन्नम से निजात पाते हैं। इसलिए इसको “शबे बरात” कहा जाता है। यह पर्व गुरूवार 13 फरवरी 2025 को मनाया जाएगा।
उक्त बातें ग्राम पंचायत चेतिया कस्बा स्थित टोला मदरसा अरबिया अहले सुन्नत गौसिया सिराजुल उलूम *राजडीह* के *मौलाना* मोहम्मद निजामुद्दीन फैजी, *हाफिज* मोहम्मद नूररुद्दीन फैजी एवं मदरसा अरबिया अहले सुन्नत फैलाना उस्मानिया *बड़हरघाट* के *मौलाना* मोहम्मद शकील रब्बानी व *हाफिज* मोहम्मद महमूद ने बुधवार को एक भेंटवार्ता में कही है।
उन्होंने शबेबरात पर्व की विशेषता बताते हुए आगे कहा कि अल्लाह पाक ने उम्मते मोह़म्मदिया को कई नूरानी या आध्यात्मिक रातें