📅 Published on: August 27, 2025
kapilvastupost
सिद्धार्थनगर: आम जनता को मिलावट रहित और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, सिद्धार्थनगर ने एक व्यापक अभियान चलाया है। यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उ.प्र., लखनऊ और जिलाधिकारी, सिद्धार्थनगर के निर्देश पर की गई। विभाग की सचल टीम ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर कुल 26 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
बाजार में छापेमारी और नमूने संग्रह
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II, सिद्धार्थनगर के नेतृत्व में टीम ने नौगढ़, इटवा और बांसी के कई इलाकों में छापे मारे। खजुरिया रोड, तेतरी बाज़ार, आजाद नगर और स्टेशन रोड, नौगढ़ से अलग-अलग दुकानों से कुल 17 नमूने लिए गए। इनमें चॉकलेट, केचअप, दूध, लस्सी, टॉफी और जैम जैसे उत्पाद शामिल हैं। टीम ने खाद्य कारोबारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करें और किसी भी प्रकार के मिलावटी सामान की बिक्री न करें।
स्कूलों में खाद्य पदार्थों की जांच
इस अभियान में बच्चों के स्वास्थ्य को विशेष महत्व दिया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दो प्रमुख शिक्षण संस्थानों से भी नमूने लिए:
प्राथमिक विद्यालय, संग्रामपुर, इटवा: खाद्य सुरक्षा अधिकारी रंजन कुमार श्रीवास्तव ने यहां से पकी सब्जी, पका चावल, कच्चा चावल और रोटी सहित कुल 05 नमूने लिए।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, बांसी: खाद्य सुरक्षा अधिकारी जय प्रकाश ने यहां से पका चावल, दाल, रोटी और सब्जी सहित कुल 04 नमूने संग्रहित किए।
इन स्कूलों में बच्चों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।
ये सभी 26 नमूने अब जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस टीम में सहायक आयुक्त (खाद्य)-II आर.एल. यादव, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह, और खाद्य सुरक्षा अधिकारी जय प्रकाश, नीरज कुमार चौधरी, रंजन कुमार श्रीवास्तव एवं हीरा लाल शामिल रहे। यह अभियान दर्शाता है कि प्रशासन जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है।