तालकुंडा बना भ्रष्टाचार का ‘कुंड’: प्रधान-सचिव के गठजोड़ ने विकास कार्यों में लगाया सरकारी धन को चूना

गुरु जी की कलम से
सिद्धार्थनगर (बढ़नी): विकास खंड बढ़नी के गांवों में विकास की गंगा नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की बाढ़ बह रही है। ग्राम प्रधान, सचिव, जेई और ठेकेदारों के आपसी सिंडिकेट ने तालकुंडा समेत दर्जनों पंचायतों को लूट का अड्डा बना दिया है।

कागजों पर चमका तालकुंडा हकीकत में प्रधान-सचिव ने किया ‘बंदरबांट’ सरकार की मंशा पर पानी फेरते अधिकारी और जन प्रतिनिधि मिलकर जनता की गाढ़ी कमाई को निजी फर्मों और चहेतों के खातों में ट्रांसफर कर रहे हैं। लाइब्रेरी से लेकर नाली निर्माण तक, हर काम में कमीशनखोरी का खेल जारी है।
उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है, लेकिन सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी विकास खंड में ज़मीनी हकीकत इसके उलट है। यहाँ ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर ‘सरकारी धन की लूट’ का एक बड़ा खेल सामने आ रहा है।

गठजोड़ का ‘भ्रष्टाचार मॉडल’
सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक (JE) का एक ऐसा सिंडिकेट बन गया है जो बिना काम कराए या मानक के विपरीत काम दिखाकर मोटी रकम डकार रहा है। तालकुंडा पंचायत में तो भ्रष्टाचार की हदें पार हो गई हैं।

यहाँ पंचायत भवन, लाइब्रेरी, इंटरलॉकिंग, नाली, और कूप मरम्मत जैसे कार्यों में वास्तविक खर्च से कई गुना अधिक भुगतान दिखाया गया है।

इन गांवों में भी अनियमितता की बू
सिर्फ तालकुंडा ही नहीं, बल्कि बढ़नी क्षेत्र की कई पंचायतें इस रडार पर हैं:
प्रमुख पंचायतें: गनेशपुर, लोहटी, खैरी झुंगहवा,  जुगडिहवा, सिहोरवा, और रोईनिहवा।
अन्य प्रभावित क्षेत्र: बैदौली, गोल्हौरा, शिव भारी, पड़रिया, और चंपापुर।
चुनाव आते ही खुलने लगी पोल
जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, विपक्षी और जागरूक ग्रामीण पिछले 5 वर्षों के कार्यों का हिसाब मांग रहे हैं। मनरेगा, पंचायत निधि और अन्य विकास योजनाओं में हुई हेरफेर अब फाइलों से निकलकर मीडिया के गलियारों तक पहुँचने लगी है।
ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच की करी मांग
तालकुंडा के आक्रोशित ग्रामीणों का आरोप है कि दवा छिड़काव, साफ-सफाई और आरसी सेंटर जैसे कार्यों में केवल खानापूर्ति की गई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इन कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी प्रधान, सचिव व ठेकेदारों के खिलाफ रिकवरी और कानूनी कार्रवाई की जाए।