बढ़नी रेलवे स्टेशन: ट्रेनों के ठहराव की घोषणाएं हकीकत कब बनेंगी? विकास की रफ्तार पर उठने लगे सवाल

बढ़नी रेलवे स्टेशन: ट्रेनों के ठहराव की घोषणाएं हकीकत कब बनेंगी? विकास की रफ्तार पर उठने लगे सवाल

गुरु जी की कलम से
बढ़नी, सिद्धार्थनगर।
पूर्वोत्तर रेलवे के बढ़नी रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रीय जनता में अब भारी असमंजस और असंतोष की स्थिति देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या बढ़नी स्टेशन पर ट्रेनों के रुकने से क्षेत्र के विकास की रफ्तार रुक जाएगी? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि लंबे समय से केवल घोषणाएं हो रही हैं, लेकिन धरातल पर परिणाम शून्य हैं।
लेटर पैड और सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित मंजूरी?
क्षेत्रीय जनता का कहना है कि जब भी बढ़नी में कोई बड़ा आयोजन होता है, तो सुदूर प्रदेशों के लिए रेल सुविधा उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। चर्चा है कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के लेटर पैड से कटिहार-चंपारण हमसफर एक्सप्रेस के बढ़नी में ठहराव की मंजूरी मिली थी। डुमरियागंज के लोकप्रिय सांसद जगदंबिका पाल के सोशल मीडिया हैंडल से भी यह पोस्ट किया गया कि रेलवे बोर्ड ने इस ठहराव को हरी झंडी दे दी है। बावजूद इसके, आज तक उक्त ट्रेन बढ़नी स्टेशन पर नहीं रुकी।
नई घोषणाएं और जनता का संशय
एक तरफ पुरानी घोषणाएं ठंडे बस्ते में हैं, वहीं दूसरी तरफ अब अमृत भारत एक्सप्रेस और न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर एक्सप्रेस के बढ़नी के रास्ते चलने की नई खबरें आ रही हैं। जनता का कहना है कि जब कटिहार-चंपारण हमसफर जैसी ट्रेनों का स्टॉपेज महीनों बाद भी शुरू नहीं हो सका, तो नई ट्रेनों की उम्मीद करना बेमानी लगता है। लोगों का मानना है कि केवल ट्रेनों के संचालन की घोषणा करना काफी नहीं है, उन्हें वास्तविक रूप में स्टेशन पर रोकना और यात्रियों को सुविधा देना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।
सांसद और रेल मंत्री से गुहार
बढ़नी की जनता ने एक बार फिर माननीय रेल मंत्री और क्षेत्रीय सांसद जगदंबिका पाल से मांग की है कि घोषणाओं पर अमल किया जाए। यात्रियों का कहना है कि वह घड़ी कब आएगी जब बढ़नी के लोग वास्तव में इन सुपरफास्ट ट्रेनों में सवार हो सकेंगे? स्थानीय नागरिकों का मानना है कि अगर समय रहते ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित नहीं किया गया, तो यह क्षेत्र के विकास के लिए एक बड़ा झटका होगा।