📅 Published on: May 21, 2026
नियमतुल्लाह खान
*बांसी (सिद्धार्थनगर)।*
तहसील क्षेत्र के सिकटा गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब चकबंदी विभाग के अधिकारी जमीन की पैमाइश करने पहुंचे। फैक्ट्री स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की बात सामने आते ही किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार को बड़ी संख्या में लामबंद होकर किसानों ने उपविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) बांसी को एक ज्ञापन सौंपा और अपनी उपजाऊ जमीन को बचाने की गुहार लगाई।
“रोजी-रोटी पर आ जाएगा संकट” — छोटे किसानों का दर्द
ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि वे सभी बेहद छोटे और सीमांत किसान हैं। उनके पास आय का कोई दूसरा जरिया नहीं है और उनकी जीविका पूरी तरह से इसी खेती पर निर्भर है। किसानों ने भावुक और कड़े शब्दों में कहा: “अगर हमारी यह उपजाऊ जमीन हमसे छीन ली गई, तो हमारे और हमारे बच्चों के सामने भूखों मरने की नौबत आ जाएगी। हमारे पास रोजी-रोटी का कोई दूसरा सहारा नहीं बचेगा।”
हर स्तर पर विरोध की चेतावनी
किसानों ने प्रशासन को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देंगे। ग्रामीणों के मुताबिक, वे इस फैसले के खिलाफ हर स्तर पर कानूनी और सामाजिक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
इस दौरान मुख्य रूप से सुनील कुमार, सर्वजीत चौधरी, अर्जुन, रामनरेश चौधरी, विनोद कुमार, विश्वनाथ पाण्डेय, आशा पटेल और अनिल कुमार सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।