📅 Published on: July 13, 2026
निजाम अंसारी
**शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर।**
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर रविवार को स्थानीय शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी कॉलेज) में एक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम एवं पर्यावरण संरक्षण विषयक संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों सहित एनएसएस, एनसीसी और रोवर-रेंजर्स के छात्र-छात्राओं ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लिया।
**वंदेमातरम् वाटिका में रोपे गए पौधे**
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में स्थित ‘वंदेमातरम् वाटिका’ में बरगद, नीम, सागौन सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इस अवसर पर सभी शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने **’मिशन छाया’** के तहत कॉलेज परिसर को पूरी तरह हरा-भरा बनाने और लगाए गए इन पौधों के पूर्ण संरक्षण (देखभाल) का संकल्प लिया।
**प्राचार्य प्रो. अरविंद कुमार सिंह का बयान**
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अरविंद कुमार सिंह ने पर्यावरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा: “पर्यावरण मानव जीवन का आधार है। स्वच्छ वायु, शुद्ध जल और हरियाली के बिना एक स्वस्थ जीवन की कल्पना करना संभव नहीं है। वृक्षारोपण केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक आवश्यक संकल्प है। देश के प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण को अपनी निजी जिम्मेदारी मानते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए और उनकी पूरी देखभाल भी करनी चाहिए।”
**कार्यक्रम संयोजक डॉ. ए.के. सिंह का संबोधन**
इस पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन पर्यावरण कार्यक्रम के संयोजक डॉ. ए.के. सिंह द्वारा किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए और कार्यक्रम की रूपरेखा रखते हुए कार्यक्रम संयोजक डॉ. ए.के. सिंह ने कहा:
> “शासन के निर्देशानुसार परिसर को पर्यावरण अनुकूल बनाना हमारा मुख्य लक्ष्य है। ‘मिशन छाया’ के माध्यम से हम न सिर्फ पौधे लगा रहे हैं, बल्कि युवाओं में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी जगा रहे हैं। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की यह सामूहिक भागीदारी ही पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को सफल बनाएगी।”
**सेल्फी पॉइंट पर संदेश के साथ समापन**
कार्यक्रम के समापन पर सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने कॉलेज परिसर में बनाए गए विशेष सेल्फी पॉइंट पर एक सामूहिक फोटो खिंचवाई और समाज को पर्यावरण संरक्षण का एक मजबूत संदेश दिया।