सावधान! बिना OTP और बिना लिंक क्लिक किए महिला के खाते से उड़े ₹1.99 लाख, SP के आदेश पर FIR दर्ज

गुरु जी की कलम से
**बांसी, सिद्धार्थनगर:**
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के बांसी थाना क्षेत्र से साइबर ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला के बैंक खाते से बिना किसी ओटीपी (OTP) या संदिग्ध लिंक पर क्लिक किए ही करीब दो लाख रुपये उड़ा लिए गए। पुलिस अधीक्षक (SP) के कड़े निर्देश के बाद अब बांसी थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
बैंक प्रबंधन ने शिकायत को किया था अनसुना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांसी के ग्राम पटेलनगर की निवासिनी नेहा सिंह (पत्नी सुनील सिंह) का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में खाता है। पीड़िता ने बताया कि कुछ समय से उनके मोबाइल पर लगातार स्कैम और संदिग्ध मैसेज आ रहे थे। उन्होंने इस बात की शिकायत यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक (ब्रांच मैनेजर) से भी की थी, लेकिन बैंक प्रबंधन द्वारा इसे यह कहकर टाल दिया गया कि “कोई दिक्कत नहीं है, ऐसे मैसेज आते रहते हैं।”
दो बार में खाते से साफ किए ₹1,99,400
पीड़िता का आरोप है कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति के साथ कोई ओटीपी साझा नहीं किया और न ही किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक किया। इसके बावजूद उनके खाते से दो बार में कुल 1,99,400 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई:
* **पहली कटौती:** 03 जुलाई 2026 को ₹99,000 की रकम काटी गई।
* **दूसरी कटौती:** 04 जुलाई 2026 को ₹99,500 की रकम निकाली गई।
थाने और साइबर सेल के चक्कर काटने को मजबूर हुई पीड़िता
घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन नंबर **1930** पर शिकायत दर्ज कराई और 4 जुलाई 2026 को साइबर क्राइम पोर्टल पर भी रिपोर्ट की। इसके बावजूद पैसे होल्ड नहीं हो सके। पीड़िता ने जब स्थानीय बांसी थाने में गुहार लगाई, तो वहां भी कोई त्वरित कार्रवाई या एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
एसपी के सख्त निर्देश के बाद हरकत में आई पुलिस
स्थानीय थाने से निराश होकर पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक (सिद्धार्थनगर) को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता और साइबर ठगी के इस नए तरीके को देखते हुए एसपी ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने बांसी थाना प्रभारी को तत्काल एफआईआर दर्ज करने और तय दिनों में जांच आख्या प्रेषित करने का कड़ा निर्देश दिया।
एसपी के आदेश के बाद बांसी थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। इस पूरे मामले की जांच निरीक्षक रामनारायण दुबे को सौंपी गई है, जो मामले की गहनता से तफ्तीश कर रहे हैं।