📅 Published on: August 1, 2026
Kapilvastupost
**सिद्धार्थनगर।** राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-28) से सटे मोहाना-ककरहवा मार्ग स्थित सड्डा चौराहे पर दिनदहाड़े कथित ‘फर्जी RTO’ कर्मियों की गुंडागर्दी और अवैध वसूली का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुल के पास गाड़ियों को जबरन रोककर चेकिंग के नाम पर सैकड़ों वाहन चालकों की जेब ढीली कराई गई।
रिफ्लेक्टर टेप और चेसिस नंबर का बहाना
प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित वाहन चालकों के अनुसार, खुद को परिवहन विभाग का कर्मी बताने वाले कुछ लोगों ने चौराहे पर नाका लगा रखा था। वे आने-जाने वाले वाहनों को रोककर दबाव बना रहे थे कि नियमों के तहत गाड़ी पर **रिफ्लेक्टर टेप लगाना** और **चेसिस पर पंजीकरण संख्या अंकित कराना** अनिवार्य है।
जब चालकों ने इसका विरोध किया या सवाल उठाए, तो उन्हें आरटीओ द्वारा भारी-भरकम चालान और गाड़ी सीज करने की धमकी दी गई। कार्रवाई के डर से एक के बाद एक दर्जनों वाहन चालक इस फर्जीवाड़े का शिकार बनते चले गए और अवैध वसूली कर ली गई।
ARTO ने खोली पोल: “विभाग का कोई अभियान नहीं”
मामले की भनक लगते ही जब परिवहन विभाग से संपर्क किया गया, तो पूरे खेल का पर्दाफाश हो गया। उप संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) संजय कुमार सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा: “परिवहन विभाग की ओर से ऐसा कोई चेकिंग अभियान या रिफ्लेक्टर लगाने का कार्यक्रम नहीं चलाया जा रहा है। यदि कोई भी व्यक्ति RTO के नाम पर सड़क पर पैसे वसूल रहा है, तो वह पूरी तरह फर्जी और अवैध है।”*
पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
सार्वजनिक स्थल और व्यस्त मार्ग पर घंटों तक कथित फर्जी आरटीओ कर्मियों का यह खेल चलता रहा, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। अब क्षेत्र में कई तीखे सवाल तैर रहे हैं: आखिर स्थानीय पुलिस की गश्त के दौरान यह गिरोह कैसे सक्रिय रहा?**
* **दिनदहाड़े सड़क पर फर्जी चेकिंग करने वालों को किसका संरक्षण प्राप्त है?**
* **ठगी का शिकार हुए आम चालकों को न्याय कब मिलेगा?**
फिलहाल, इस उजागर हुए फर्जीवाड़े के बाद स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में भारी रोष है। पुलिस प्रशासन से मांग की जा रही है कि सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर फर्जी आरटीओ बनकर वसूली करने वाले गिरोह को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।