ग्राम प्रधान व उनके पति पर 20 हजार रुपये मांगने का गंभीर आरोप; तहसीलदार ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई के दिए निर्देश

अपने अपने चहेतों को आवास देने के लिए कई गांव में सेक्रेटरी और प्रधानों में अनबन की भी खबर है सूत्र बताते हैं कि अधिकतर ग्राम पंचायतों में पक्के मकान मालिकों ने आवास का लाभ लेने के लिए छापर और तिरपाल तक लगवा लिए हैं जिससे वह पात्रता सूची में आ सकें इसके लिए जिम्मेदार लोग सुझाव भी देते हैं।

Nizam Ansari
**सिद्धार्थनगर (शोहरतगढ़)।** तहसील सभागार में तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव की अध्यक्षता में **’संपूर्ण समाधान दिवस’** का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष कुल 48 मामले सामने आए, जिनमें से पीएम आवास योजना में धनउगाही और अवैध अतिक्रमण से जुड़ा मामला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।
💰 रिश्वत न देने पर आवास निरस्त करने का आरोप
तहसील समाधान दिवस में बढ़नी ब्लॉक के ग्राम पंचायत **बसहिया** की निवासी बीना कुमारी और तारामति ने ग्राम प्रधान व उनके पति के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई। फरियादियों का आरोप है कि:
* प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे **20 हजार रुपये** की मांग की गई थी।
* उन्होंने 2,000 रुपये नकद दे दिए थे, जबकि शेष 18,000 रुपये आवास स्वीकृत होने के बाद देने तय हुए थे।
* बाकी की राशि न दे पाने के कारण उनका पीएम आवास कथित रूप से निरस्त करा दिया गया।
* योजना का लाभ पात्र लोगों को न देकर पक्के मकान वाले अपात्र व्यक्तियों को बांट दिया गया।
पीड़ितों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पात्र लोगों को आवास दिलाने और अपात्र लाभार्थियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
🛑 सार्वजनिक रास्ते पर अवैध निर्माण की शिकायत
इसी ग्राम पंचायत बसहिया की निवासी सुमन देवी (पत्नी पुष्पेंद्र कुमार आर्य) ने तहसीलदार के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान द्वारा सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर अवैध रूप से मकान का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने मामले की तत्काल जांच कराकर अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग की।
⚖️ तहसीलदार का सख्त रुख: 1 सप्ताह में निस्तारण के आदेश
मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार **प्रकाश सिंह यादव** ने संबंधित अधिकारियों को सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
> **समाधान दिवस की स्थिति:**
> * **कुल प्राप्त मामले:** 48
> * **मौके पर निस्तारित:** 03 (राजस्व विभाग से संबंधित)
> * **शेष मामले:** संबंधित अधिकारियों को **एक सप्ताह के भीतर** निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं।