शिक्षक तबादले में दिव्यांग प्रमाणपत्रों का मामला गरमाया, सिद्धार्थनगर में 29 दिन में जारी हुए 197 प्रमाणपत्र

जून में अचानक बढ़ी प्रमाणपत्र जारी होने की रफ्तार, शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया से जुड़ाव की हो रही जांच

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के स्थानांतरण में दिव्यांगता के आधार पर वरीयता दिए जाने के बीच सिद्धार्थनगर जिले में दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी किए जाने के आंकड़ों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जून महीने के महज 29 दिनों में 197 दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसी अवधि में शिक्षक स्थानांतरण के लिए आवेदन प्रक्रिया भी चल रही थी।

रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में जिले में 84 और मई में 72 दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी हुए थे, जबकि जून में यह संख्या बढ़कर 197 पहुंच गई। जून में जारी प्रमाणपत्रों में बड़ी संख्या 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले प्रमाणपत्रों की बताई गई है। शिक्षक स्थानांतरण में दिव्यांगता के आधार पर वरीयता के लिए 40 प्रतिशत दिव्यांगता महत्वपूर्ण मानी जाती है।

174 शिक्षकों ने मांगी दिव्यांगता के आधार पर वरीयता

शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया में सिद्धार्थनगर से 174 शिक्षकों ने दिव्यांगता के आधार पर वरीयता का दावा किया है। इनमें 42 शिक्षकों ने नियुक्ति के समय ही दिव्यांग प्रमाणपत्र लगाया था, जबकि 132 शिक्षकों के प्रमाणपत्र नियुक्ति के समय लगाए गए प्रमाणपत्रों से अलग बताए गए हैं।

अब इन प्रमाणपत्रों की जारी होने की तारीख, दिव्यांगता प्रतिशत और स्थानांतरण आवेदन में उनके इस्तेमाल का मिलान जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

जून में कुछ तारीखों पर बड़ी संख्या में जारी हुए प्रमाणपत्र

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जून में प्रमाणपत्र जारी होने की संख्या कुछ खास तारीखों पर काफी अधिक रही। रिपोर्ट में 1 जून को 24, 8 जून को 66, 15 जून को 54, 22 जून को 24 और 29 जून को 19 प्रमाणपत्र जारी होने का उल्लेख है।

पहले से जांच के घेरे में हैं दिव्यांग प्रमाणपत्र

सिद्धार्थनगर में दिव्यांग प्रमाणपत्रों को लेकर पहले से जांच चल रही है। दिल्ली पुलिस की जांच में जिले से जारी चार संदिग्ध प्रमाणपत्र सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई है। वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक जयप्रकाश शुक्ल की गिरफ्तारी की भी रिपोर्ट सामने आई है। जांच के दौरान दिव्यांग बोर्ड का रजिस्टर दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई और विभागीय कंप्यूटर सील किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।

शिक्षक तबादला प्रक्रिया पर भी पड़ा असर

दिव्यांग प्रमाणपत्रों की जांच के बीच परिषदीय शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया प्रभावित हुई है। 23 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार बेसिक शिक्षा परिषद ने विभिन्न प्रकार के स्थानांतरणों पर रोक लगा रखी है, जिससे हजारों आवेदकों की प्रक्रिया आगे बढ़ने में देरी हो रही है।

बीएसए ने क्या कहा?

सिद्धार्थनगर के बीएसए शैलेश कुमार के अनुसार दिव्यांगता के आधार पर वरीयता मांगने वाले शिक्षकों के प्रमाणपत्र मेडिकल बोर्ड से जारी होते हैं और विभाग इन्हीं प्रमाणपत्रों के आधार पर आगे की कार्रवाई करता है। उन्होंने बताया कि 174 शिक्षकों ने दिव्यांगता के आधार पर वरीयता मांगी है।

गौर करने वाली बात यह है कि 197 प्रमाणपत्र जारी होना अपने आप में फर्जीवाड़े का प्रमाण नहीं है। इन प्रमाणपत्रों में कितने सही हैं और कितने संदिग्ध, इसका निर्धारण संबंधित जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही होगा। फिलहाल प्रमाणपत्रों के जारी होने की संख्या, तारीख और शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया के बीच संबंध जांच के केंद्र में है।