सिद्धार्थनगर: अग्नि तांडव में गरीब का जला आशियाना, तन के कपड़ों के सिवा सब खाक; PM आवास योजना के दावों पर उठे गंभीर सवाल
📅 Published on: October 14, 2026
कपिलवस्तुपोस्ट
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर):
तहसील डुमरियागंज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजस्व ग्राम बसडिलिया में दोपहर के वक्त उस समय हड़कंप मच गया, जब एक गरीब परिवार के फूस के मकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि जब तक ग्रामीण राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंचे, तब तक गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो चुका था।
वृद्ध दंपत्ति के पास तन ढकने वाले कपड़ों के सिवा कुछ न बचा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस फूस के कच्चे मकान में बुजुर्ग कैसरी बेगम और उनके पति रहते थे। दोपहर में लगी इस भीषण आग में खाने-पीने के राशन, बर्तन, बिस्तर से लेकर सारा जरूरी सामान जल गया। पीड़ित बुजुर्ग दंपत्ति के पास शरीर पर पहने हुए कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं बचा है। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आने को मजबूर हो गया है।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी, सहायता किट कराई मुहैया
घटना की सूचना मिलते ही हल्का लेखपाल देवेंद्र राठौर तुरंत मौके पर पहुंचे और अग्निकांड से हुए नुकसान का जायजा लिया। इसके बाद तहसील प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार और लेखपाल की मौजूदगी में पीड़ित परिवार को आपातकालीन सहायता किट प्रदान की गई। साथ ही स्थानीय ग्राम के कोटेदार को पीड़ित परिवार के लिए तुरंत खाद्यान्न और अनाज उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
जिम्मेदार कौन? बीजेपी सरकार की ‘PM आवास योजना’ के दावों की खुली पोल
एक तरफ सरकार हर गरीब को पक्का मकान देने के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का ढोल पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ बसडिलिया गांव की यह तस्वीर प्रशासनिक दावों की जमीनी हकीकत बयान कर रही है।
बड़ा सवाल: जब सरकार की ओर से हर पात्र गरीब को पक्का घर देने की योजना चल रही है, तो इस असहाय और वृद्ध परिवार तक इस योजना का लाभ आज तक क्यों नहीं पहुंचा?
किसकी लापरवाही?: स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्राम पंचायत से लेकर ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की अनदेखी के कारण आज यह वृद्ध दंपत्ति अपना सब कुछ खो बैठा है।
क्या गरीबों के लिए चलने वाली योजनाएं सिर्फ कागजों और विज्ञापनों तक ही सीमित हैं? अगर समय रहते इस गरीब परिवार को आवास योजना का लाभ मिल गया होता, तो शायद आज उनका आशियाना इस तरह जलकर खाक न होता।


