सिद्धार्थनगर: शोहरतगढ़ में कांग्रेस की चौपाल, पूर्व विधायक रविंद्र प्रताप चौधरी बोले- ‘प्रदेश में बदलाव की लहर, जनता चाहती है परिवर्तन’

सियासी सरगर्मी तेज: सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के परसा डिवाईचपार चौराहे पर कांग्रेस की विशाल चौपाल का आयोजन।

आरक्षण और अधिकार: पूर्व विधायक रविंद्र प्रताप चौधरी ने पिछड़ों के आरक्षण, दलितों की भागीदारी और सामाजिक अधिकारों के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा।

महंगाई और शिक्षा पर जोर: महंगाई को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और समाज के लोगों से बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की अपील की।

कपिलवस्तु पोस्ट 

सिद्धार्थनगर: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कठेला इलाके में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। रविवार को परसा डिवाईचपार चौराहे पर कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक रविंद्र प्रताप चौधरी के नेतृत्व में एक चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

भाजपा सरकार पर बोला तीखा हमला

चौपाल को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक रविंद्र प्रताप चौधरी ने पिछड़ों के आरक्षण, दलितों की भागीदारी और उनके सामाजिक अधिकारों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से ही पिछड़ों और दलितों को राजनीति में उचित भागीदारी, सम्मान और अधिकार दिलाने का काम किया है।

वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आज महंगाई का सबसे बुरा असर मजदूरों, किसानों और नौजवानों पर पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि आज पूरे उत्तर प्रदेश में बदलाव की बयार बह रही है और जनता अब बदलाव चाहती है।

शिक्षा को बताया मजबूती की चाबी

पूर्व विधायक ने समाज के लोगों से अपने बच्चों को शिक्षित करने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे समाज में वास्तविक सामाजिक और आर्थिक मजबूती का रास्ता खुलता है।

कार्यक्रम का संचालन श्रीकांत मिश्रा ने किया। इस दौरान अब्दुल्ला प्रधान परसा, अनवर खान प्रधान बगुलहवा, लक्ष्मण सिंह, अनारुल्लाह पूर्व प्रधान, इबरार हुसैन पूर्व प्रधान, जगदीश यादव, हरिवंश पाठक, शिवाजी, अब्दुल हक, अब्दुल कलाम, राम कैलाश यादव, राम सहाय, राम विलास, राम दास, साधु यादव, परमेश्वर यादव, तुलसीराम, रंजीत कुमार यादव, मनोज कुमार, इंद्रजीत चौधरी, रामकिशोर चौधरी, जितेंद्र सिंह, इकबाल प्रधान, मुजीबुल्लाह, मोहम्मद जमाल, सुखपाल, राम प्रसाद, व्यास मुनि, विजय प्रताप, मोहम्मद इदरीश, रामकृपाल, अयोध्या प्रसाद और कैलाश नाथ पाठक सहित सैकड़ों स्थानीय लोग और कार्यकर्ता मौजूद रहे।