अनुसूचित जाति की जमीनों को बिना परमिसन बेचने के प्रदेश सरकार के फैसले का कांग्रेस का विरोध

अभिषेक शुक्ला 

सिद्धार्थ नगर 17 मार्च / अनुसूचित जाति के व्यक्ति को किसी गैर अनुसूचित जाति के व्यक्ति को अपनी जमीन बेचने के लिए जिला अधिकारी से अनुमति लेने की अनिवार्यता प्रदेश की योगी सरकार द्वारा समाप्त कर दिए जाने के विरोध में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद की अगुवाई में जिलाधिकारी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा जिसमें उनसे मांग की गई है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति/ जनजाति विरोधी जो नियम लाया जा रहा है उस पर तत्काल रोक लगाई जाए।

इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सरकार ने अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के हितों को ध्यान में रखते हुए और उन्हें भूमिहीन होने से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 बनाया था। इसके तहत अनुसूचित जाति के किसी व्यक्ति को अपनी खेती की जमीन किसी गैर अनुसूचित जाति के व्यक्ति को बेचने के लिए जिलाधिकारी से मंजूरी लेना अनिवार्य है मंजूरी देते समय जिलाधिकारी यह देखते हैं कि जमीन बेचने के बाद अनुसूचित जाति के व्यक्ति के पास 3•125 एकड़ से कम जमीन बचेगी या नहीं अगर अनुसूचित जाति के व्यक्ति के पास 3•125, एकड़ से कम जमीन बच रही हो तो जिलाधिकारी उसे जमीन बेचने की अनुमति नहीं देते हैं। उत्तर प्रदेश की श्री योगी आदित्यनाथ की सरकार कांग्रेस द्वारा बनाए गए उक्त कानून को निष्क्रिय करने जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा लिए जा रहे इस प्रकार के दलित विरोधी निर्णय की कांग्रेस पार्टी घोर निन्दा करती है और इसके खिलाफ हम सड़कों पर उतर कर संघर्ष करेंगे।

विधानसभा की पूर्व प्रत्याशी किरन शुक्ला एवं देवेन्द्र कुमार गुड्डू ने कहा कि उक्त अधिनियम इस लिए लाया गया था कि कोई भी रसूखदार व्यक्ति अपने धनबल व बाहुबल से किसी अनुसूचित जाति के व्यक्ति की जमीन को जबरन हडप न लें परंतु अब प्रदेश सरकार इस अधिनियम की शर्तो को समाप्त कर दलितों को भूमि हीन बना देगी।

इस अवसर पर सादिक अहमद, रंजना मिश्रा, सतीश त्रिपाठी, राजन श्रीवास्तव, राजेश सिंह, शकील अंसारी, होरी लाल श्रीवास्तव, ज्योतिमा पांडेय, सुदामा प्रसाद, रितेश त्रिपाठी, जितेन्द्र धर द्विवेदी, प्रमोद कुमार, हरिशंकर लाल श्रीवास्तव, शौकत अली, दिवाकर त्रिपाठी, रियाजुद्दीन राईनी, देवेन्द्र राव, जयंती पांडेय, मुकेश कुमार चौबे, विंध्याचल; चौधरी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।