नियमित टीकाकरण के साथ कोविड टीके के लिए कर रहे हैं जागरूक
📅 Published on: January 29, 2022
जिले भर में आशा-आंगनाबाड़ी के जरिए टीके से संबंधित जागरूकता का दे रहे हैं संदेश टीके से वंचित बुजुर्ग व गर्भवती का हो रहा चिन्हांकन
नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों को भी टीका लगवाने पर जोर
निज़ाम अंसारी
सिद्धार्थनगर।
स्वास्थ्य विभाग नियमित टीकाकरण के साथ-साथ कोविड टीका लगवाने के संबंध में जनजागरूकता फैला रहा है। इसके लिए जिले भर में आशा-आंगनाबाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम गठित की गयी है। इस अभियान में टीके से वंचित बुजुर्ग व गर्भवती का चिन्हांकन किया जा रहा है। इसके अलावा नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों को टीका लगवाने पर टीम जोर दे रही है।
शोहरतगढ़ क्षेत्र के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बगुलहवा में तैनात कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) फुलवंत गौड़ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देश पर कोविड टीकाकरण और नियमित टीकाकरण से वंचित लोगों की खोज करके टीका लगवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण वालों का भी चिन्हांकन हो रहा है।
उन्होंने बताया कि आशा व आंगनबाड़ी की गठित टीम गांव में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के साथ टीकाकरण न करवाने वाली गर्भवती का भी चिन्हांकन कर रही हैं। इसके अलावा दूसरी डोज की समयावधि पूरी होने पर डोज लेने के लिए कहा जा रहा है। अभियान में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार होने के बाद भी कोरोना जांच कराने से बच रहे लोगों की भी लाइन लिस्टिंग हो रही है।
दस दिनों तक चलने वाले इस अभियान में गर्भवती को टीडी (टिटनेस डिप्थिरिया) का टीका लगवाने व शून्य से दो वर्ष के जिन बच्चों को नियमित टीका नहीं लगा है उनके परिजनों को जागरूक करते हुए वीएचएनडी सत्र पर टीका लगवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
सीएचओ फुलवंत गौड़ ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने क्षेत्र के अटकोनिया गांव में भ्रमण कर कार्य कर रही टीम के कार्यों की मानीटरिंग करते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि कोविड की तीसरी लहर में कोरोना टीका ही लोगों के बचाव में मददगार साबित हुआ है।


