सिद्धार्थनगर की रोशनी बनी अपर पुलिस महानिदेशक, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन और शालिनी बनी राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य

Nizam Ansari

अंतरार्ष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बाल अधिकारों के लिए कार्यरत प्लान इंडिया एवं महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश पुलिस किया गया था। सिद्धार्थनगर की 17 वर्षीय रोशनी को एक दिन अपर पुलिस महानिदेशक, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश पुलिस का पद सँभालने का मौका मिला ।

संगठन मुख्यालय में श्री. बी.पी जोगदण्ड, आई.पी.एस. अपर पुलिस महानिदेशक ने रोशनी को अपना पदभार देते हुए उसे जीवन में अपना लक्ष्य प्राप्त करने में हर संभव सहयोग प्रदान करने का वादा भी किया. इस दौरान रोशनी ने सिद्धार्थनगर में मिशन शक्ति के तहत महिला कल्याण विभाग, पुलिस, एसएसबी के साथ बाल संरक्षण के मुद्दों को साझा किया।श्री जोगदण्ड ने रोशनी के वक्तव्य का पुरजोर समर्थन किया की महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम होना जरुरी है ताकि वह अपने निर्णय स्वयं ले सकें. इसके शालिनी तिवारी को राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य बनकर बच्चो से सम्बंधित कई मामलो में पीड़ित परिवारों से बातकर अपना सुझाव प्रदान किया।

इन बच्चियों ने बढ़नी बॉर्डर के क्षेत्र में बाल विवाह, बालश्रम, लैंगिक भेदभाव के खिलाफ समुदाय को अभियान चलाकर जागरूक कर रही है ।

बालिकाओं को जोड़कर महिला मंगल दल का गठनकर खेल कूद गतिविधियों में बालिकाओं की साझेदारी बढ़ाने के लिए भी अभियान चला रही है ।इसके साथ आरती चौधरी बनी एक दिन के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी बढ़नी। बालिका आरती चौधरी को खण्ड शिक्षा अधिकारी बढ़नी का एक दिन के लिए पद भार ग्रहण कर बालिकाओ को शिक्षा से जोड़ने के लिए मुद्दा उठाया ।

महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के पुलिस अधीक्षक सुश्री रुचिता चौधरी ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से जहाँ एक तरफ बच्चियों का मनोबल बढ़ता है वहीँ दूसरी ओर विभाग को भी इस तरह की बालिकाओं के कार्यों से सीखने को मिलता है. प्लान इंडिया के तकनीकी प्रमुख श्री सुधीर कुमार राय ने कहा की रोशनी जैसी लगभग 100 बालिकाएं सिद्धार्थनगर एवं महराजगंज जनपदों में सरकार की विभिन्न सरकारी योजनाओं से वंचित और गरीब परिवारों को जोड़ रही हैं और बाल दुर्व्यापार, बाल विवाह एवं बाल श्रम के खिलाफ अभियान चला रही है।

प्लान इंडिया के जिला समन्वयक प्रसून शुक्ल ने बताया कि बालिकाओ को सशक्त बनाने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों से बालिकाओ के ऐसे अवसर प्रदान करना कि वो अपने विचार रख सके।