कांग्रेस की सरकार आने पर गरीब परिवार की महिलाओं को एक लाख रुपये सालाना, बेरोजगारों को एक लाख रुपये भत्ता, और एक यूनिट पर दस किलो राशन देने से उनका जीवन खुशहाल होगा – अकील उर्फ़ मुन्नू भैय्या

वर्तमान लोकसभा चुनाव में 5 किलो राशन चर्चा का विषय बना हुवा है बी जे पी अपने इस काम का ढिंढोरा पूरे देश में पीटती नजर आ रही वहीँ कांग्रेस के नेता इसे गुलामी का प्रतीक मानते हैं उनके कार्यकर्ता तक इस योजन को  फ्लॉप मान रहे हैं  उनका कहना है कि सिर्फ राशन देने से गरीबों का भला होने वाला नहीं है | आज देश में किसान, नौजवान, व्यापारी, गरीब हर वेर्ग परेशांन है |

चुनाव प्रचार के दौरान अकील उर्फ़ मुन्नू भैय्या ने कहा congress की सरकार बनने पर पहले महीने से सारी योजनायें चालू होंगी बेरोजगारों को एक लाख रुपये सालाना बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा | गरीब परिवार की महिला मुखिया को साल में एक लाख रुपये एक मुश्त या 8500 रुपये महिना दिया जायेगा |

हर यूनिट पर दस किलो राशन फ्री मिलेगा यह सब मिलकर जब गरीबों तक पहूंचेगा तब उसके जीवन स्तर  में सुधार होगा | उक्त बातें चुनाव प्रचार करते इंडिया गठबंधन के अकील उर्फ़ मुन्नू  भैय्या , इसरार अहमद , पंकज पाण्डेय , पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष खल्कुल्लाह खान ने अपने साथियों के साथ कही |

इसरार अहमद ने आगे बताया कि जनता ko इंडिया गठबंधन की योजनायें जनता के बीच बड़ी ही तेजी के साथ फ़ैल रही हैं जनता अपना मन बन चुकी है जनता बदलाव चाहती है वह गरीबी के जेवण से तंग आ चुकी है |

गरीबी में कमी: गरीब महिलाओं और बेरोजगारों को वित्तीय सहायता मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है, जिससे गरीबी में कमी आ सकती है।

पंकज पाण्डेय ने कहा कि इन योजनाओं से समानता में वृद्धि आयेगी समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों को अधिक वित्तीय सुरक्षा मिलने से सामाजिक समानता बढ़ सकती है|

उन्होंने कहा स्वस्थ्य और शिक्षा में सुधार आयेगा गरीब आदमी भी अच्छी शिक्षा अपने परिवार को दे पायेगा  वित्तीय सहायता से गरीब परिवार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक पहुंच सकते हैं।

छात्रोर नेता खल्कुल्लाह खान ने कहा हमारे नेता ने इस बार सोच के रखा है इस बार बेरोजगारी ख़तम करके ही रहेंगे बेरोजगारी भत्ता मिलने से कुछ लोग सक्रिय रूप से निजी रूप से रोजगार कर सकते हैं यह लोन नहीं है है यह सरकार की सहायता है |

स्व-रोजगार और उद्यमिता: महिलाओं और बेरोजगारों के पास आर्थिक सुरक्षा होने से वे स्वयं का रोजगार शुरू करने या उद्यमिता में कदम रखने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।

समाज सेवी व नेता इसरार अहमद कहते हैं कि प्रति यूनिट दस किलो राशन देने से गरीब परिवारों को सस्ते दरों पर राशन मिलने से उनकी खाद्य सुरक्षा में सुधार होगा। पर्याप्त और पौष्टिक भोजन मिलने से कुपोषण की दर में भी कमी आयेगी ।