सिद्धार्थ नगर – शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और डिग्री कॉलेज के छात्रों को भारी परेशानी, खराब रास्ते से पहुंचना मुश्किल

शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन और समीपवर्ती डिग्री कॉलेज जाने वाले यात्रियों और छात्रों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन और कॉलेज तक पहुंचने वाले रास्तों की दयनीय हालत ने उनकी समस्याओं को और भी बढ़ा दिया है, जिससे उनके लिए वहां पहुंचना एक चुनौतीपूर्ण कार्य बन गया है।

nizam ansari 

शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन और डिग्री कॉलेज के बीच की सड़कें गड्ढों से भरी हुई हैं और बारिश के कारण स्थिति और भी बदतर हो गई है। कीचड़ और पानी भरने से पैदल चलना मुश्किल हो गया है, जबकि दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए यह रास्ते खतरनाक हो गए हैं।

रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को खराब सड़कों के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासी और भारतीय मानव अधिकार परिवार के नगर अध्यक्ष दीपक कुमार  ने कहा, “स्टेशन तक पहुंचने के लिए हमें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। रास्ते की हालत इतनी खराब है कि हमें समय से पहले निकलना पड़ता है, फिर भी ट्रेन छूट जाने का खतरा बना रहता है।”

डिग्री कॉलेज के छात्रों के लिए भी यह समस्या गंभीर है। कॉलेज की छात्रा ने कहा, “हर दिन कॉलेज पहुंचना एक चुनौती बन गया है। खराब रास्तों के कारण समय पर पहुंचना मुश्किल हो गया है, और कई बार तो हमें गड्ढों और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। यह न सिर्फ हमारे शिक्षा के लिए, बल्कि हमारी सुरक्षा के लिए भी खतरा है।”

स्थानीय लोगों और छात्रों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से इन रास्तों की मरम्मत की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। भारतीय मानव अधिकार के जिला अध्यक्ष नीलू रूंगटा ने कहा, “प्रशासन की उदासीनता के कारण लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। हमने हमेशा  ही अच्छे रास्तों की मांग की है , लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है।”

स्थानीय लोगों, यात्रियों और छात्रों ने प्रशासन से तत्काल इन रास्तों की मरम्मत की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही सुधार नहीं हुआ, तो वे विरोध प्रदर्शन भी कर सकते हैं |

बताते चलें शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों यात्री आते जाते हैं वहीं शिवपति स्नातकोत्तर महा विद्यालय डिग्री कॉलेज में हजारों कि संख्केया में छात्र छात्राएं कॉलेज जाती हैं , रास्तों की खराब स्थिति ने यात्रियों और छात्रों की समस्याओं को बढ़ा दिया है।

प्रशासन की उदासीनता ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है। स्थानीय लोग और छात्र तत्काल सुधार की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें इन समस्याओं से निजात मिल सके और वे अपने दैनिक कार्यों को सुचारू रूप से पूरा कर सकें।