📅 Published on: August 23, 2024
मदद के बहाने नेपाल बॉर्डर पर बुलाया और झोले में शराब रखकर विडियो बनाने का आरोप
फर्जी चालान करने पर पीड़ित ने की डीएम से शिकायत पहले भी लगते रहे हैं आरोप
kapilvastupost
सिद्धार्थ नगर के धेबरुवा क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर विवादों में घिर गई है। हाल ही में धेबरुवा पुलिस पर दो निर्दोष व्यक्तियों के खिलाफ फर्जी चालान जारी करने का आरोप लगा है। यह मामला स्थानीय नागरिकों और मानवाधिकार संगठनों के बीच चर्चा का विषय बन गया है, जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, ढेबरुआ थाना क्षेत्र के बरगदवा निवासी दयाराम व मुस्तकीम ने बताया कि उन्हें बिना किसी गलती के चालान का सामना करना पड़ा, और पुलिस ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर उन्हें प्रताड़ित किया है। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम को हल्का सिपाही ने उन्हें बुलाया और कुछ मदद लेने के बहाने एसएसबी कैंप सेमरहवा के पास ले गए |
हल्का सिपाही ने फोन कर दो और अपने साथी सिपाहियों की बुला लिया। दोनों सिपाही आए और अपने बाइक से नेपाली शराब निकाल कर हम दोनों को झोले में पकड़ा कर वीडियो बनाने लगे। हम दोनों ने इसका विरोध किया तो मारने-पीटने व गाली देने लगे। सिपाहियों ने कहा अभी शराब में चालान कर रहे हैं, ज्यादा बोलोगे तो चरस में भेज देंगे।
इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली और उनके द्वारा अपनाए जा रहे तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार संगठनों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि यह पुलिस द्वारा की जा रही ज्यादतियों का एक उदाहरण है, जो नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन करता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे फर्जी चालान न केवल कानून के दुरुपयोग को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि किस प्रकार से पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की कमी है।
पुलिस का यह रवैया संविधान में दिए गए नागरिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है। इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिस वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाने की अपील की है। इस घटना के बाद स्थानीय जनता में भी आक्रोश है |
फर्जी चालान की इस घटना ने एक बार फिर पुलिस सुधारों की आवश्यकता को रेखांकित किया है, ताकि जनता के अधिकारों की रक्षा हो सके और कानून का दुरुपयोग रोका जा सके|