📅 Published on: August 25, 2024
नर्स ने डॉक्टर की मिलीभगत से मरीज के स्वजन से की ठगी !
नवजात शिशु को मंहगा इंजेक्शन लगाने के नाम पर ठगी का आरोप
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध जिला अस्पताल में नवजात शिशु को महंगा इंजेक्शन लगाने के नाम पर नर्स द्वारा डिलीवरी मरीज के परिवार से तीन हजार की ठगी करने का मामला सामने आया है।
पीड़ित ने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की है।
प्राप्त समाचार के अनुसार जनपद मुख्यालय के सिविल लाइंस तेतरी बाज़ार निवासी दीपेन्द्र कुमार पांडेय ने अपनी पत्नी जूही पांडेय का प्रसव/ऑपरेशन 16 अगस्त 2024 को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज से सम्बद्ध जिला चिकित्सालय में कराया। जहां ऑपरेशन के पश्चात नवजात शिशु को एनआईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया।
एनआईसीयू में कार्यरत नर्स एवं
डॉक्टर द्वारा कहा गया कि बच्चे की हालत गंभीर है और इसे ऐसा इंजेक्शन लगाना है जो अस्पताल में उपलब्ध नहीं है, बिना उस इंजेक्शन के बच्चे की जान को खतरा है।
शिशु के पिता दीपेन्द्र ने कहा कि इंजेक्शन का नाम लिख के दे दीजिए में लेके आता हूँ तो नर्स ने कहा कि आपको बाहर दुकान पर बहुत महँगा पड़ेगा और डॉक्टर पटेल के आवास पर वह इंजेक्शन एक्स्ट्रा में उपलब्ध है आप मुझे पैसे दीजिए तो मैं उनके आवास से लेके आती हूँ।
दीपेंद्र ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे की प्राण रक्षा हेतु तुरंत तीन हज़ार रुपये नर्स को दे दिया। बच्चे को बार बार देखने का निवेदन करने के पश्चात भी उन्हें व उनके परिवार जनों को नवजात शिशु से मिलने नहीं दिया गया।
18 अगस्त 2024 को जब उनका बच्चा डिस्चार्ज हुआ तो उस समय मौजूद एक अन्य डॉक्टर से उन्होंने बच्चे के स्वास्थ्य और इंजेक्शन के बाबत जानकारी प्राप्त की तो डॉक्टर ने बताया कि ऐसा कोई इंजेक्शन बच्चे को नही लगा है और न ही ऐसे किसी इंजेक्शन की आवश्यकता थी।
बच्चा जन्म के समय थोड़ी देर से रोया था जिसे लेट क्राई कहते हैं, उसे झटका आने की संभावना थी। एहतियातन उसे भर्ती किया गया था और जिला अस्पताल में उक्त उपचार हेतु पर्याप्त दवाएँ मौजूद हैं।
दीपेंद्र ने बताया कि यह सुन कर वह अचंभित रह गये और तत्कालीन डॉक्टर से मिल कर उनसे यह बात बताई तो डॉक्टर द्वारा उनसे अभद्रता की गई।
दीपेन्द्र ने उक्त मामले की जाँच करा के दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की है।